नारायणगढ़ के निराकारी जागृति मिशन आश्रम में प्रवचन सुनते श्रद्धालु। प्रवक्ता
नाहन रोड स्थित निराकारी जागृति मिशन आश्रम में रूहानी सत्संग आयोजित
संवाद न्यूज एजेंसी
नारायणगढ़। नाहन रोड स्थित निराकारी जागृति मिशन आश्रम में आयोजित मासिक रूहानी सत्संग में श्रद्धालुओं की भीड़ उमड़ी। अघोर सिद्धनाथ अखाड़ा वृंदावन के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष स्वामी ज्ञान नाथ ने अध्यात्म और आत्मज्ञान का गूढ़ रहस्य समझाया।
स्वामी ज्ञान नाथ ने कहा कि मानने वाले में भेद हो सकता है लेकिन जानने वाले में कोई भेद नहीं होता। उन्होंने स्पष्ट किया कि इच्छाएं, कल्पनाएं और मान्यताएं ही जीव के बंधन का मुख्य कारण हैं। आत्मबोध कर्मकांडों से नहीं, बल्कि जागरूकता और अंतर्दृष्टि से ही संभव है। उन्होंने बताया कि वास्तविक अध्यात्म निर्गुण-निराकार की यात्रा से प्रारंभ होता है। स्वामी ज्ञान नाथ ने वर्तमान में जीने की सलाह दी। उन्होंने कहा कि अतीत के पछतावे और भविष्य की चिंता छोड़कर सकारात्मक सोच के साथ जीना चाहिए। मंच का संचालन महात्मा राकेश कुराली ने किया। दूर-दराज से आए श्रद्धालुओं ने गुरुवाणी का आनंद लिया।
नारायणगढ़ के निराकारी जागृति मिशन आश्रम में प्रवचन सुनते श्रद्धालु। प्रवक्ता