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संदिग्ध डेंगू से दूसरी मौत, दशहत का माहौल

Tue, 15 Sep 2015 12:38 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला/अंबाला
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अंबाला में डेंगू का डंक खतरनाक होता जा रहा है। हालांकि संदिग्ध बुखार के पांच केस सामने आ चुके हैं, लेकिन अब संदिग्ध डेंगू से अंबाला में दो मौत हो चुकी है। पिछले दिनों रेलवे के टीटीई की संदिग्ध डेंगू से मौत हो गई थी, पंजाब के खन्ना की नगर पालिका में कार्यरत कर्मचारी व्यक्ति की भी संदिग्ध डेंगू से मौत हो गई है। युवक अंबाला के जंडली इलाके में रहता था। इस घटना के बाद जंडली में दहशत का माहौल है। मृतक कुलदीप सिंह के घर में मातम का माहौल बना हुआ है। मोहाली के प्राइवेट अस्पताल से उसका शव जंडली में लाया गया।
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अचानक हुआ बुखार और बिगड़ा गया केसमृतक कुलदीप सिंह के पिता रत्तीराम ने बताया कि उनके बेटे को कुछ दिन पहले हल्का सा बुखार हुआ था। जिसकी वजह से कुलदीप सिंह ने ड्यूटी से छुट्टी ली और प्राइवेट डॉक्टर से इलाज शुरू करा दिया। लेकिन बुखार दूर होने का नाम नहीं ले रहा था। इसलिए उन्होंने अच्छे इलाज के लिए अपने बेटे को मोहाली के प्राइवेट अस्पताल में भर्ती करा दिया। अस्पताल में उनके बेटे को डेंगू बुखार होने की पुष्टि हो गई। वहां बेटे का लगातार इलाज चलता रहा, लेकिन बुखार बिगड़ता गया, अंतत: उसके बेटे ने अब दम तोड़ दिया है।
मरीज की केस हिस्ट्री चेक करेंगे : सीएमओस्वास्थ्य महकमे के चीफ मेडिकल अफसर डॉक्टर विनोद गुप्ता ने बताया कि संबंधित मरीज की केस हिस्ट्री जांची जा रही है और वैसे भी जिले में डेंगू को लेकर अलर्ट घोषित किया जा चुका है। मरीज बुखार को हल्के में न लें और यदि उनका बुखार नहीं टूट रहा है, तो वे तुरंत डाक्टर से संपर्क करें। प्राइवेट अस्पतालों को भी निर्देश दिए गए हैं कि जहां भी डेंगू की पुष्टि हों, वे स्वास्थ्य महकमे को जरूर बताएं। संदिग्ध बुखारग्रस्त मरीजों की रक्त पट्टिकाएं भी ली जा रही है, ताकि जांच के बाद मालूम हो सके कि मरीजों का बुखार किस किस्म का है? फॉगिंग अभियान भी लगातार जारी है, मगर इस अभियान में जनता को भी सहयोग करना होगा।
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लोगों से आह्वान बरतें ये एहतियात अंबाला कैंट के कौशिक अस्पताल के डॉक्टर संजीव कौशिक के अनुसार डेंगू से थोड़ी सी सावधानी रखकर बचा जा सकता है। बुखार आने की स्थिति में डॉक्टर की सलाह पर रक्त की जांच कराएं। घर में व बाहर एकत्रित पानी को तुरंत फेंककर पानी की टंकी व बर्तन सुखा लें। आसपास भी यदि पानी एकत्रित हैं, तो वहां भी मिट्टी का तेल व डीजल डाल दें, ताकि मच्छरों के लारवा नष्ट हो जाएं। मच्छरदानी में सोएं, डेंगू के मरीज को दिन में भी मच्छरदानी में सुलाएं। पूरी बांह के कपड़े पहने। खिड़की और दरवाजे पर मच्छरदानी लगाएं। शाम को घर में नीम का धुआं करें। घर में कूलर, गमले, छत, पुराने टायर, टूटे-फूटे बर्तन में पानी जमा ना होने दें। घर के आसपास स्वच्छता रखें।
डेंगू बुखार को लेकर हरियाणा सेहत महकमा पूरी तरह से अलर्ट है। जहां-जहां भी डेंगू के मामले सामने आ रहे हैं, वहां स्वास्थ्य महकमे की टीमें पूरी तरह एहतियात बरत रही है। दूसरा, प्रदेशभर में जबरदस्त ढंग से फॉगिंग अभियान चल रहा है, जबकि पंफ्लेट इत्यादि बंटवाकर डेंगू से बचाव व लक्षण के बारे में लोगों को जागरूक किया जा रहा है।-अनिल विज, सेहत मंत्री, हरियाणा सरकार
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