शिक्षक वालंटियर फील्ड में ड्रापआउट बच्चों को लेकर सर्वे करते हुए। विभाग
अंबाला सिटी। शिक्षा विभाग की ओर से स्कूल छोड़ने वाले ड्रापआउट और कभी स्कूल न जाने वाले आउट ऑफ स्कूल बच्चों का सर्वे करवाया जा रहा है। यह सर्वे स्कूल स्तर पर छह जनवरी तक चलेगा। सर्वे में सात से 18 वर्ष के बच्चों को लिया जाएगा।
सर्वे के लिए सभी स्कूल मुखिया और वालंटियर शिक्षक लगाए गए हैं। विभाग के पास 16 जनवरी तक स्कूलों से रिपोर्ट आएगी। सर्वे में मिलने वाले बच्चों को पढ़ाया जाएगा। इनकी कक्षाएं 25 अप्रैल से शुरू होंगी।
ऐसे चल रहा सर्वे, क्लस्टर मुखिया देंगे रिपोर्ट
सभी राजकीय स्कूल मुखिया और 41 वालंटियर शिक्षक जिले में सर्वे कर रहे हैं। यह सर्वे कर अपनी रिपोर्ट क्लस्टर मुखिया को देंगे। क्लस्टर मुखिया रिपोर्ट को खंड शिक्षा अधिकारी को सौंपेंगे। खंड शिक्षा अधिकारी रिपोर्ट को जिला परियोजना समन्वयक कार्यालय में देंगे। इसके बाद बच्चों की कक्षाएं लगाने पर कार्य शुरू होगा।
दरअसल, सर्वे में मिले ऐसे बच्चों को नाै महीने का एक ब्रिज कोर्स करवाया जाता है और उसके बाद इन बच्चों को उनकी आयु के अनुसार कक्षा में राजकीय स्कूलों में दाखिल करवाया जाता है। इस योजना का उद्देश्य बच्चों को मुख्यधारा में लाना है ताकि कोई भी बच्चा पढ़ाई से वंचित न हो।
हर वर्ष जनवरी में होता है सर्वे
सहायक परियोजना समन्वयक हरजिंद्र सिंह ने बताया कि ड्रापआउट व आउट ऑफ स्कूल बच्चों को लेकर विभाग की ओर से सर्वे हर वर्ष जनवरी माह में करवाया जाता है। यह सर्वे एक जनवरी को शुरू हुआ था और छह जनवरी तक चलेगा। सात से 14 वर्षों के बच्चों को वालंटियर शिक्षक पढ़ाएंगे। 14 से 18 वर्ष के बच्चों को भी सर्वे में लिया जा रहा है। अगर इनमें से कोई बच्चा ओपन बोर्ड से परीक्षा देना चाहता है तो उसकी परीक्षा दिलवाई जाती है।