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Ambala News: सीसीटीवी पर डटे किसानों को कूलरों का सहारा

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सुखबीर सिंह
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अंबाला सिटी। बीते 100 दिनों से किसान शंभू सीमा पर अपना डेरा जमाए बैठे हैं। सर्दी गर्मी और बरसात को झेलते हुए किसान अपने संघर्ष पर अडिग हैं। गर्मी से बचने के लिए कुछ किसानों ने झोपड़ी बनाई है तो कुछ किसानों ने ट्रालियों में भी एसी की व्यवस्था तक कर ली है।
39.4 डिग्री के तापमान में बचने के लिए किसान दिनभर पेड़ों की छांव में बैठे रहते हैं। कई किसानों ने सड़क पर ही अस्थाई निवास भी बना लिया और उसमें कूलर व अन्य सुविधाओं का प्रबंध भी किया है। सुरक्षा को देखते हुए अस्थाई निवास के बाहर सीसीटीवी भी लगाया है। गर्मी को देखते हुए बुधवार को ठंडे मीठे पानी और जलजीरा की छबीलें भी लगाई गई।
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पीने के पानी के लिए किसान बड़े बड़े टैंकरों पर निर्भर है। लंबी दूरी तक ट्रालियां लगी हुई है। जिनके आस पास ही पानी का टैंकर खड़ा किया है। इससे पीने के पानी की परेशानी न हो। सूरज की तपिश से टैंकर को बचाने के लिए उस पर बोरियां भी ढकी गई हैं।
गर्मी से बचाव के लिए ट्राॅली में एसी
फतेहगढ़ से आए किसान अमरजीत सिंह और गुरलाल सिंह ने बताया कि गर्मी से बचने के लिए वे दिन के समय ट्राली में ही अपना समय बिताते है। इसके लिए उन्होंने ट्राली में पंखा लगवाया है। रात के समय गर्मी के कारण उन्हें बाहर सड़क पर ही गद्दे डाल कर सोना पड़ता है। वहीं कुछ किसानों ने दिन व रात की तपती गर्मी से बचने के लिए अपनी ट्रालियों में एसी भी लगवाए हुए है।
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कच्ची झोपड़ी में बिता रहे समय
लुधियाना से आए जैलदार बूटा सिंह व किसान नेता चरणजीत सिंह ने कहा कि वे फरवरी माह से ही यहां पर बैठे हैं। सर्दी से गर्मी का मौसम आ गया है,लेकिन उन्होंने न तो पंखे का लालच किया और न ही एसी का, वे बस अपनी मांगों पर ही अड़े हैं। रात के समय मच्छरों से भी परेशानी होती है। फिर भी वे अपना हौसला बनाए हैं।
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