सरयू यमुना के जनरल कोच के शौचालय की छत से गांजा निकालते सुरक्षा कर्मचारी।
- फोटो : Ambala
नशा तस्करी के मामले में सोमवार को पकड़े आरोपी पप्पू मुखिया के खुलासे ने जीआरपी को परेशानी में डाल दिया। आरोपी ने बताया कि वह सोमवार को जिस ट्रेन से आया था, उसने उसी ट्रेन में एक कोच के शौचालय की छत पर गांजा छिपा दिया था। पकड़े जाने पर उसने जीआरपी को इस बारे में नहीं बताया था। मंगलवार को ट्रेन जब अमृतसर से वापस चली तो अंबाला जीआरपी ने इस बारे में वहां के अधिकारियों को सूचना दी। इसके बाद यह ट्रेन जैसे ही छावनी जंक्शन पहुंची तो आरोपी की शनाख्त पर ट्रेन के जनरल कोच की छत से गांजे के 2 और कोच के पिछले हिस्से से 1 पैकेट बरामद किए गए। पकड़े गए 23 किलो गांजे की कीमत लगभग 2 लाख रुपये बताई गई है।
12 नवंबर 2020 को छावनी जीआरपी थाने में एनडीपीएस एक्ट के तहत मुकदमा नंबर 86 दर्ज किया गया था। इसमें आरोपी विनोद मुखिया से 20 किलो गांजा रेलवे स्टेशन से बरामद किया। पूछताछ में विनोद ने बताया था कि गांजा सह-आरोपी उसके भाई पप्पू कुमार मुखिया द्वारा समस्तीपुर से ट्रेन में रखा गया था। दोनों के मोबाइल नंबरों की लोकेशन के आधार पर सह-आरोपी पप्पू कुमार मुकद्दमा में वांछित था।
पंजाब लेकर जाना था गांजा
आरोपी पप्पू मुखिया ने बताया कि उसने ट्रेन नंबर 04649 सरयू यमुना से समस्तीपुर से होशियारपुर पंजाब जाना था। उसने पहले की तरह ट्रेन के जनरल कोच के शौचालय छत में गांजा छिपाया था।
रेलवे से ली विशेष परमिशन
ट्रेन में चेकिंग करने के लिए जीआरपी की तरफ से स्टेशन अधीक्षक को पत्र के माध्यम से सूचित किया गया और ट्रेन रोकने के लिए 30 मिनट का अतिरिक्त समय भी मांगा। जब ट्रेन नंबर 04650 का रैक गुरुवार दोपहर 1 बजे चलकर शाम 6 बजे छावनी जंक्शन के प्लेटफार्म पर आया तो पहले से तैयार जीआरपी ने सभी कोच खंगालने शुरू कर दिए।
आरोपी के खिलाफ दूसरा मुकद्दमा दर्ज किया है। कोर्ट में पेश कर आरोपी पप्पू मुखिया का 7 दिन का पुलिस रिमांड लिया गया है। 13 अप्रैल तक आरोपी से पूछताछ की जाएगी और जानकारी हासिल की जाएगी कि इसमें कौन-कौन उसके साथ शामिल हैं।
- विलायती राम, प्रभारी जीआरपी छावनी।