अंबाला। अमर उजाला फाउंडेशन की ओ से अतुल माहेश्वरी छात्रवृत्ति परीक्षा रविवार को छावनी के फारूका खालसा स्कूल में करवाई गई। बेहतर भविष्य व कॅरिअर में उड़ान भरने के लक्ष्य के साथ अंबाला व यमुनानगर जिले के विभिन्न हिस्सों से आए 152 होनहारों ने परीक्षा दी। इस परीक्षा में कक्षा 9वीं से 12वीं के विद्यार्थियों ने भाग लिया।
परीक्षा शुरू होने से लेकर खत्म होने तक सभी प्रतिभागी काफी उत्साहित दिखे। प्रतिभागी परीक्षा समाप्त होने तक एक-एक प्रश्न को हल करने में लगे रहे। बहु-विकल्पीय 100 प्रश्नों के उत्तर ओएमआर शीट पर देने थे। इसके लिए विद्यार्थियों को एक घंटे 30 मिनट का समय दिया गया। परीक्षा के बाद ओएमआर सीट को सील कर दिया गया। वहीं, परीक्षा के लिए सुबह से ही विद्यार्थी केंद्र पर पहुंचने शुरू हो गए थे। परीक्षा संचालन में स्कूल निदेशक आज्ञापाल सिंह, प्रधानाचार्य केपी सिंह, प्राध्यापक कमलवीर, संदीप कौर, ममता गुप्ता, रिंपिका, ममता शर्मा ने अहम योगदान दिया।
परीक्षा की तैयारी की
आवेदन के समय से ही परीक्षा की तैयारी कर रही थी। उसकी परीक्षा ठीक हुई है। छात्रवृति मिली तो उसके कॅरिअर को उड़ान मिलेगी।
-सुमन, छात्रा।
सभी प्रश्न हल किए
परीक्षा में आसान प्रश्न पूछे गए। उसने सभी प्रश्न हल किए हैं। उसे उम्मीद है कि वह परीक्षा में उत्तीर्ण होगी और उसको छात्रवृत्ति मिलेगी।
-आशु, छात्रा।
कारगर साबित होगी
परीक्षा उनके लिए उपयोगी व मार्गदर्शक साबित होगी। इससे नई जानकारियां मिली हैं जो उनके भविष्य के लिए कारगर साबित होंगी।
-मनप्रीत कौर, छात्रा।
सभी प्रश्न आसान थे
इस तरह की परीक्षाएं समय-समय पर होती रहनी चाहिए। उसे उम्मीद है कि परीक्षा में उत्तीर्ण होगी। परीक्षा के सभी प्रश्न आसान थे।
-आकृति, छात्रा।
परीक्षा विद्यार्थियों के लिए काफी महत्वपूर्ण साबित होगी। उन्होंने खुद भी परीक्षा के संचालन के दौरान प्रश्न-पत्र को चेक किया। वह भविष्य में ज्यादा से ज्यादा विद्यार्थियों को छात्रवृत्ति के लिए परीक्षा में भाग लेने के लिए प्रेरित करेंगे।
-आज्ञापाल सिंह, निदेशक, फारूका खालसा स्कूल, छावनी।
अमर उजाला फाउंडेशन द्वारा संचालित अतुल माहेश्वरी छात्रवृत्ति परीक्षा में विद्यार्थी काफी उत्साहित दिखे। परीक्षा में उत्तीर्ण होने वाले विद्यार्थियों की पढ़ाई के लिए यह छात्रवृत्ति काफी मददगार होगी। इससे विद्यार्थियों का भविष्य संवरेगा।
-कमलवीर, प्राध्यापक, फारूका खालसा स्कूल, छावनी।