अंबाला। अब केंद्र सरकार प्राथमिक कृषि ऋण समितियां (पैक्स) को भी सशक्त बनाने में जुट गई है। पैक्स संचालक कृषि यंत्रों के अलावा पेट्रोल-डीजल पंप और एलपीजी डिस्ट्रीब्यूटर बनकर कमाई कर सकेंगे।
इसके अलावा पैक्स संचालकों को जन औषधि केंद्र के अलावा सीएससी सेंटर भी दिए जाएंगे। इसके लिए अंबाला में भी प्रक्रिया शुरू हो गई है। जिलाभर में द अंबाला सेंट्रल को-ऑपरेटिव बैंक की 29 शाखाओं के अधीन आने वाले 78 पैक्स संचालकों से आवेदन मांगे हैं। बता दें कि केंद्र सरकार ने सहकारिता समितियों को मजबूत करने के लिए यह कदम उठाया है। इसके लिए पैक्स संचालक पर खुद की जगह होनी चाहिए। इसके अलावा जन औषधि केंद्रों में उन्हें दवाओं की जानकारी रखने वालों की मदद लेने के लिए बोला गया है।
आम बैठक में उठा था घाटे का मुद्दा
देखा जाता है कि पैक्स संचालकों की ओर से घाटे में जाने की बात कही जाती है। बार-बार लोन और योजनाओं का ब्याज बढ़ाकर उन्हें लाभ पहुंचाने की बात करते हैं। यही मुद्दा शुक्रवार को शहर के पंचायत भवन की आम बैठक में भी उठाया गया। उगाला पैक्स संचालक देवेंद्र ने कहा था कि लगातार पैक्स घाटे में चल रही है और कहा था कि पैक्स है तो बैंक है। उस समय दी अंबाला सेंट्रल बैंक जीएम जेपी सोनी ने पैक्स संचालकों को केंद्रीय सरकार की ओर से पैक्स संचालकों को पेट्रोल पंप, गैस एजेंसी, जन औषधि केंद्र और सीएससी सेंटरों के लिए आवेदन करने की बात कहीं थी।
वर्जन
पेट्रोल पंप, जन औषधि केंद्र, सीएससी और गैस एजेंसी के लिए पैक्स संचालकों को आवेदन करने के लिए बोला है, जिससे कि वह ज्यादा कमाई कर पैक्स से जुड़े किसानों को ज्यादा से ज्यादा सुविधा दे सके।
जेपी सोनी, जीएम, द अंबाला केंद्रीय सहकारी बैंक