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Ambala News: हड़ताली सफाई कर्मियों ने सड़कों पर बिखेरा कचरा

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अंबाला सिटी की घासमंडी में कचरा उठाने के दौरान की ​स्थिती। संवाद
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माई सिटी रिपोर्टर
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अंबाला सिटी। जिले में 24 दिनों से शांतिपूर्ण तरीके से चल रही सफाई कर्मचारियों की हड़ताल ने सोमवार को उग्र रूप ले लिया। अंबाला सिटी में निजी एजेंसी के कर्मचारी सफाई कर कचरा ट्रॉलियों में लेकर जा रहे थे। इसी दौरान आंदोलनरत सफाई कर्मचारियों ने उन्हें रोक लिया और ट्रॉलियों से कचरा उतारकर सड़कों पर बिखेर दिया। नगर निगम कार्यालय के गेट के सामने भी कचरा फैला दिया गया। इसके अलावा नहान हाउस चौक, दोखंभा चौक, सब्जी मंडी, सर्कुलर रोड, घास मंडी समेत कई इलाकों में भी कचरा सड़कों पर फेंका गया।

अंबाला कैंट में भी सुबह 10 बजे के बाद नाइट फूड स्ट्रीट के पास सफाई कर्मचारियों ने कचरे से भरी ट्रैक्टर-ट्रॉली को रुकवाकर सड़क पर ही पलटवा दिया। अधिकारियों ने कर्मचारियों को कार्रवाई की चेतावनी दी तो उन्होंने भी तीखी प्रतिक्रिया दी। बाद में पुलिस की मौजूदगी में कचरा उठवाया गया।
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अंबाला सिटी में नगर निगम आयुक्त वीरेंद्र सहरावत को भी सरकारी काम में बाधा डालने और नियम तोड़ने पर एफआईआर दर्ज कराने की चेतावनी देनी पड़ी। इसके बावजूद आंदोलनरत कर्मचारियों का आक्रोश कम नहीं हुआ।

नगर निगम गेट के सामने बिगड़े हालात
अंबाला सिटी में आंदोलनरत सफाई कर्मचारी रोजाना की तरह सोमवार को भी अपने नेताओं के साथ नगर निगम कार्यालय पहुंचे और धरने पर बैठ गए। हालांकि, सोमवार को कर्मचारियों ने अलग रणनीति अपनाई। सुबह करीब साढ़े आठ बजे आंदोलनरत कर्मचारी एकत्रित होकर जगाधरी गेट के पास पहुंचे और एजेंसी के कर्मचारियों को कचरा ले जाते समय रोक लिया। इस दौरान दोनों पक्षों के बीच बहस भी हुई।

इसके बाद आंदोलनरत कर्मचारी कचरा ले जा रही ट्रॉली पर चढ़ गए और उसमें भरा कचरा सड़क पर फेंकना शुरू कर दिया। नगर निगम कार्यालय के ठीक सामने यह सब होने से सड़क पर कचरा फैल गया और लोगों को आवाजाही में परेशानी हुई।

इसके बाद कर्मचारी नहान हाउस चौक पहुंचे। यहां भी कचरा ले जा रही ट्रॉलियों से कचरा सड़क पर बिखेर दिया गया। इस दौरान कर्मचारियों ने जमकर नारेबाजी की। इसके बाद दोखंभा चौक, सब्जी मंडी, सर्कुलर रोड, घास मंडी और अन्य कचरा संग्रहण स्थलों से कचरा उठाकर सड़कों पर फेंका गया। बाद में आंदोलनरत कर्मचारी नगर निगम कार्यालय लौट आए और नारेबाजी करने लगे।

निगम आयुक्त ने दी एफआईआर की चेतावनी
मामले की जानकारी मिलने पर नगर निगम आयुक्त वीरेंद्र सहरावत ने आंदोलनरत कर्मचारियों को सख्त हिदायत दी। उन्होंने कहा कि जो भी कर्मचारी कानून हाथ में लेगा या सरकारी काम में बाधा उत्पन्न करेगा, उसके खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कराई जाएगी।

दोपहर करीब डेढ़ बजे नगर निगम प्रशासन ने निजी एजेंसी के कर्मचारियों को बुलाकर सड़कों पर फैला कचरा उठवाना शुरू कराया। पुलिस को भी मौके पर बुलाया गया। करीब साढ़े पांच घंटे तक कई स्थानों पर कचरा सड़कों पर बिखरा रहा, जिसके बाद सफाई कराई जा सकी।

आज एजेंसी के कर्मचारियों को रोकने की चेतावनी
सफाई कर्मचारी यूनियन के प्रधान शंकर पामा ने आंदोलन और तेज करने की चेतावनी दी है। उन्होंने कहा कि मंगलवार को सफाई कार्य में लगे निजी एजेंसी के कर्मचारियों को काम करने से रोका जाएगा। जिन स्थानों पर कचरा एकत्रित होता है, वहां से कचरा उठाने भी नहीं दिया जाएगा। इसके लिए आंदोलनरत कर्मचारियों की ड्यूटी लगा दी गई है। उन्होंने कहा कि हड़ताल दो सितंबर तक जारी रहेगी।

लोगों की बढ़ी परेशानी, स्कूली बच्चे भी हुए प्रभावित
सफाई कर्मचारियों के प्रदर्शन और कचरा सड़कों पर बिखेरने से स्थानीय दुकानदारों और राहगीरों को परेशानी का सामना करना पड़ा। सुबह स्कूल जाने वाले बच्चों को भी कचरे से बचकर निकलना पड़ा। जगाधरी गेट के पास की सड़क कई स्कूलों को आपस में जोड़ती है।

दुकानदारों का कहना था कि दोपहर तक ग्राहकों की आवाजाही प्रभावित रही। अंबाला सिटी निवासी राजेश कुकरेजा ने कहा कि उन्होंने इस तरह का आंदोलन पहले नहीं देखा। सड़कों पर जगह-जगह कचरा बिखरा हुआ था।

वहीं, बच्चों को स्कूल छोड़ने जा रहीं लीलावती ने बताया कि सुबह नहान हाउस से निकलना मुश्किल हो रहा था। अचानक कई लोग पहुंचे और कचरा इधर-उधर फेंकने लगे। इससे सड़क पर काफी अव्यवस्था हो गई।

कैंट में भी ट्रॉली रुकवाकर सड़क पर पलटवाया कचरा
अंबाला कैंट में भी सोमवार सुबह करीब 10 बजे आंदोलनरत सफाई कर्मचारी नाइट फूड स्ट्रीट के पास पहुंचे। उन्होंने कचरे से भरी ट्रैक्टर-ट्रॉली को रुकवा लिया और सड़क पर ही कचरा पलटवा दिया। सूचना मिलने पर नगर परिषद के अधिकारी मौके पर पहुंचे और कर्मचारियों को समझाने का प्रयास किया।

अधिकारियों ने चेतावनी दी कि सरकारी काम में बाधा डालने पर सख्त कार्रवाई की जा सकती है और नौकरी भी जा सकती है। इस पर कर्मचारियों ने नाराजगी जताई। बाद में पुलिस मौके पर पहुंची और अपनी मौजूदगी में कचरा उठवाया गया। दोपहर बाद सड़क से कचरा साफ हो सका।

सफाई कर्मचारियों की प्रमुख मांगें
कच्चे सफाई कर्मचारियों को पक्का किया जाए। जिले में करीब 450 कच्चे सफाई कर्मचारी हैं।
कर्मचारियों को ईएसआई कार्ड उपलब्ध कराया जाए, ताकि उन्हें उपचार की सुविधा मिल सके।
सफाई कर्मचारी की मृत्यु होने पर परिवार को आर्थिक सहायता दी जाए।
कच्चे कर्मचारी की मृत्यु के बाद उसके आश्रित को निकाय में नौकरी दी जाए।
पुरानी पेंशन योजना बहाल की जाए।



- वीरेंद्र सहरावत, आयुक्त, नगर निगम

आंदोलनरत हैं 450 सफाई कर्मचारी
नगर निगम के पास सफाई की मौजूदा व्यवस्थानगर निगम के अधिकारियों की मानें तो 450 सफाई कर्मचारी आंदोलनरत हैं। इनमें से 100 कर्मचारी नगर निगम के साफ सफाई कार्य करा रहे हैं। वहीं प्राइवेट एजेंसी के 600 कर्मचारियों से भी सफाई कराई जा रही है। इसके अलावा डोर टू डोर कर्मचारियों को भी सफाई का अतिरिक्त कार्य कराया जा रहा है। शहर में बीते 24 दिनों से सफाई भी हो रही थी, ऐसे में विरोध का असर अधिक नहीं दिखा। मगर सोमवार के प्रदर्शन के बाद नगर निगम के भी हाथ-पांव फूल गए हैं।
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हमने अपनी तरफ से आंदोलनरत कर्मचारियों को कोई ऐसा कदम न उठाने के लिए कहा है, जिससे आम लोगों को परेशानी हो। यदि विरोध के कारण कहीं कचरा फैलता है तो हमारा पूरा प्रयास सड़कों से कचरा साफ कराने पर रहेगा।

अंबाला सिटी की घासमंडी में कचरा उठाने के दौरान की स्थिती। संवाद

अंबाला सिटी की घासमंडी में कचरा उठाने के दौरान की स्थिती। संवाद

अंबाला सिटी की घासमंडी में कचरा उठाने के दौरान की स्थिती। संवाद

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