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दोपहर को धरना, शाम को हटाए 259 गेस्ट टीचर

Tue, 16 Jun 2015 01:13 AM IST
ब्यूूराे/अमर उजाला अंबाला
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हाईकोर्ट के आदेशों पर हरियाणा शिक्षा विभाग ने सभी जिलों में कार्यरत 4073 गेस्ट टीचरों को हटाने की प्रक्रिया शुरू कर दी है।
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रविवार को छुट्टी वाले दिन हिसार, फतेहाबाद, जींद और सिरसा से 1123 गेस्ट टीचरों को हटा दिया गया था। सोमवार शाम को अंबाला से भी गेस्ट टीचरों को हटाने के आदेश जारी कर दिए गए।

इससे पहले दोपहर को अंबाला सिटी में गेस्ट टीचरों ने सरकार के खिलाफ जबरदस्त प्रदर्शन किया। डीईओ कार्यालय में धरना दिया। शहर में रोष जुलूस भी निकाला।

शाम होते-होते डीईओ ने सरकार के निर्देशानुसार अंबाला के 259 गेस्ट टीचरों को बाहर करने के आदेश जारी कर दिए।
यह दिए डीईओ ने आदेश
डीईओ ने जिले के उन तमाम स्कूलों के मुखिया को आदेश जारी कर दिए हैं जहां 259 गेस्ट टीचर तैनात थे। ये गेस्ट टीचर इन स्कूलों में छठीवीं से दसवीं तक की कक्षा को पढ़ाते थे।
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इन गेस्ट टीचरों में 89 गेस्ट टीचर गणित के, 132 सामाजिक शास्त्र के और 38 गेस्ट टीचर हिंदी के हैं। डीईओ अंबाला ने सभी स्कूल मुखियाओं को आदेश दे दिए हैं कि इन सभी गेस्ट टीचरों को पदों से हटाया जाए।

इन गेस्ट टीचरों को करीबन बीस दिन पहले ही स्कूलों से कार्यमुक्त कर दिया गया था।

अफसरों, स्टाफ में छाई रही मायूसी
गेस्ट टीचरों को हटाने को लेकर अंबाला शिक्षा विभाग में पूरा दिन कशमकश बनी रही। सरकारी स्कूलों के मुखिया व अन्य साथियों से लेकर जिला शिक्षा विभाग के अफसर और कर्मचारी तक मायूस दिखे।

डीईओ अंबाला खुद इस मुद्दे पर थोड़े भावुक दिखाई दिए। उन्होंने भी गेस्ट टीचरों के प्रति सहानुभूति व्यक्त की।

हालांकि इसके साथ ही सरकारी अफसर होने के नाते अपनी मजबूरियां भी गिनवाईं। उन्होंने कहा कि उन्हें कोर्ट और सरकार के आदेशों के तहत ही कार्रवाई करनी पड़ेगी। स्कूलों के अधिकतर मुखिया और अन्य स्टाफ साथियों ने गेस्ट टीचरों को हटाने के मामले को गलत बताया।

शिक्षकों के सामने रोजगार का संकट
अंबाला शिक्षा विभाग द्वारा 259 गेस्ट टीचरों को हटाने के आदेश जारी करने के बाद अब इन लोगों के सामने रोजगार का संकट खड़ा हो गया है।

गेस्ट टीचरों के नेता शशि भूषण ने कहा कि सरकार को देखना चाहिए था कि इस उम्र में हम लोग कहां नौकरी करेंगे। शिक्षा विभाग द्वारा निकाले जाने के बाद कौन सा निजी स्कूल उन्हें नौकरी देगा।

हमने संभाले थे गेस्ट टीचर, खट्टर सरकार को क्या हुआ
वर्ष 2005 में मेरे ही कार्यकाल में इन गेस्ट टीचरों को पूर्व कांग्रेस सरकार ने रोजगार उपलब्ध करवाया था। जब तक सरकार रही, हर परिस्थितियों में कांग्रेस सरकार ने गेस्ट टीचरों का रोजगार बरकरार रखा।

कोर्ट केस तो सालों से चल रहा है। खट्टर सरकार की नीयत ही रोजगार छीनने की है। खट्टर सरकार इन गेस्ट टीचरों के साथ द्वेष भावना से कार्रवाई कर रही है। सरकार चाहती तो बीच का रास्ता निकालकर इन गेस्ट टीचरों का रोजगार बचा सकती थी।
-फूलचंद मुलाना, पूर्व शिक्षामंत्री, हरियाणा-


रामबिलास शर्मा ने किया था झूठा वायदा
चुनावों से पहले मौजूदा शिक्षा मंत्री रामबिलास शर्मा ने गेस्ट टीचरों से वायदा किया था कि भाजपा सरकार आते ही पहली कलम से उन्हें पक्का किया जाएगा। मगर, अब इन गेस्ट टीचरों से तो उनका रोजगार ही छीन लिया गया।

शिक्षा मंत्री बताएं कि उनके वादे का क्या हुआ। सरकार ये नहीं सोचा कि इतनी ज्यादा उम्र में हटाने के बाद इन गेस्ट टीचरों के घर के चूल्हे कैसे जलेंगे, उन्हे कहां रोजगार मिलेगा।
वरुण, प्रदेश कांग्रेस कार्यकारिणी सदस्य

सरकार और शिक्षा विभाग के आदेशानुसार अंबाला सो 259 गेस्ट टीचरों को हटाए जाने के आदेश जारी कर दिए गए हैं। ये मामला हमारे स्तर का नहीं है। जो आदेश ऊपर से आए हैं, विभाग ने वही कार्रवाई की है।
-धर्मवीर कादियान, जिला शिक्षा अधिकारी, अंबाला

सरकार अपना काम कर रही है और गेस्ट टीचर अपनी रणनीति बनाने में जुट गए हैं। सरकार ने गेस्ट टीचरों के रोजगार को बचाने के लिए कोई प्रयास नहीं किए। ये सरासर धोखा है, गेस्ट टीचरों से झूठा वादा करके ही सरकार सत्ता में आई है। सरकार ने गेस्ट टीचरों के भरोसे को तोड़ा है। अब प्रदेश में आंदोलन तेज करने की रणनीति तैयार की जा रही है।
-दिनेश यादव, प्रदेशाध्यक्ष, राजकीय अनुबंधित शिक्षक संघ हरियाणा-


डीईओ कार्यालय में गेस्ट टीचरों का धरना
सोमवार को जिला शिक्षा अधिकारी कार्यालय पर सरकार द्वारा नौकरी से निकाले जाने से गुस्साए गेस्ट टीचरों ने प्रदर्शन कर नारेबाजी की। प्रदर्शन की अध्यक्षता नारायणगढ़ ब्लॉक प्रधान कुलदीप चौहान ने की। इस दौरान गेस्ट टीचर एक पुतला लेकर आए।

इस पर एक नेता का नाम लिखा था, लेकिन बाद में पुतले पर सरकार का नाम लिखकर पेड़ पर टांग दिया गया। इससे पहले सिटी में रोष जुलूस भी निकाला गया।  उन्होंने बताया कि पिछले दिनों मुख्यमंत्री मनोहर लाल ने गेस्ट टीचरों को आश्वासन दिया था कि वह 15 जून को गेस्ट टीचरों को मिलने के लिए बुलाएंगें और कोई बीच का रास्ता निकालकर उनका रोजगार सुनिश्चित करेंगे।

लेकिन सरकार अपने वायदे पर खरी नहीं उतरी। इस अवसर पर कमल वालिया, कुलदीप चौहान, मनोज कुमार, अरविंद, अश्वनी व राजकीय अध्यापक संघ में हमीर सिंह भी धरने पर बैठे और प्रदर्शनकारियों को संबोधित किया।
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उन्होंने कहा कि उन्होंने कहा कि कहा कि अतिथि अध्यापक सरप्लस नहीं हैं बल्कि इन्हें सरप्लस करने की साजिश रची जा रही है। एक तरफ तो सरकार बताती है कि 40 हजार अध्यापकों के पद खाली पड़े हैं तो अतिथि अध्यापक सरप्लस कैसे हो सकते हैं।
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