अंबाला सिटी। मांगों के लिए बीते चार दिन से कर्मचारियों की चल रही हड़ताल के कारण वीरवार को लोगों को खासी परेशानियों का सामना करना पड़ा। बिजली और पानी की आपूर्ति वीरवार को भी प्रभावित रही। बिजली कट का असर कारोबार पर भी पड़ा।
उधर, हड़ताली कर्मचारियों ने डीसी दफ्तर पर जमकर बवाल काटा। हालांकि वीरवार देर शाम सीएम के कर्मचारी नेताओं से बातचीत के बाद हड़ताल खत्म हो गई।
फीडर रहे ठप, घंटों लगा कट
बिजली कर्मियों की हड़ताल की वजह से अंबाला में अधिकतर फीडर ठप रहे। हालांकि डीसी समेत अन्य अफसर बारिश के बावजूद रातभर फीडरों की जांच करते रहे, लेकिन उसके बावजूद बिजली कर्मियों की हड़ताल अफसरों के इन दौरों पर भारी ही रही। अंबाला सर्कल पर 332 में से 229 फीडर ब्रेकडाउन रहे। जिस वजह से अंबाला सर्कल के कई इलाकों में आधी रात से ही लाइट गुल रही। उधर, बारिश की वजह से भी कई ट्रांसफार्मरों के जंपर तक उड़ गए, लेकिन बिजली कर्मी इसे ठीक करने नहीं आए। एचएसईबी वर्कर्स यूनियन के प्रदेश प्रवक्ता देवी प्रसाद भट्ट ने बताया कि अंबाला सर्कल के करीब 1700 कर्मचारी पूरी तरह से हड़ताल पर रहे। उनके अनुसार जो फीडर ब्रेकडाउन है, हड़ताल के दौरान कर्मचारी उन्हें ठीक नहीं करेंगे। हड़ताल खत्म होने के बावजूद ही ठीक किया जाएगा।
कर्मचारियों ने पानी की सप्लाई भी रोकी
वीरवार को जल महकमे के कर्मचारी भी पूरी तरह हड़ताल पर रहे। इस दौरान जिले भर के विभिनन हिस्सों में पेजयल आपूर्ति में बाधा उत्पन्न हुई। आलम यह रहा कि कई इलाकों में पानी ही नहीं आया और लोगों को बहुत परेशानियां झेलनी पड़ी, जबकि बाजारों में भी कारोबारियों को पानी के लिए भटकना पड़ा। इस दौरान जल महकमे के कर्मचारियों ने एकत्रित होकर कार्यालय के बाहर प्रदर्शन भी किया इस अवसर पर प्रधान अशोक वर्मा, रामनाथ पांडे, गुरचरण सिंह,जिला प्रधान रणजीत सिंह, सुनील शर्मा, अश्वनी दुग्गल, संदीप वधवा, विनोद सूरी, सतनाम सिंह इत्यादि ने कर्मचारियों को संबोधित किया। उधर, जल महकमे के कर्मचारियों की हड़ताल से परेशान अफसरों ने भी पेयजल सप्लाई सुचारू करवाने के लिए कच्चे कर्मचारियों का सहारा लिया और शाम तक कई इलाकों में पेयजल सप्लाई शुरू करवाई।
डीसी कार्यालय पर काटा वबाल
हड़ताल के दौरान वीरवार को सभी विभागों के सैकड़ों कर्मचारी जलूस की शक्ल में नारेबाजी करते हुए जिला उपायुक्त कार्यालय की ओर पहुंचे। इस दौरान सभी विभागों की यूनियनों के प्रधान, पदाधिकारी व सदस्य मौजूद रहे। डीसी कार्यालय पहुंचने के बाद उन्होंने डीसी कार्यालय का घेराव कर वहां नारेबाजी की और धरने पर बैठे रहे। काफी देर तक ये कर्मचारी वहीं डीसी कार्यालय में ही डटे रहे और प्रदर्शन करते रहे।
दो घंटे जाम रहा डिपो, प्रदर्शन
रोडवेज कर्मचारियों ने भी रोडवेज डिपो पर प्रदर्शन करते हुए दो घंटे तक डिपो पर जाम लगा दिया और बसों न न भीतर आने दिया और न बाहर जाने दिया। कर्मचारियों ने सरकार विरोधी नारे लगाते हुए कहा कि सरकार सभी विभागो में की जा रही आउटसोर्सिंग, निजीकरण, ठेकाप्रथा, फ्रैंचाइजी की नीति को रदद करके सभी बुनियादी सेवाओं का विस्तार करते हुए प्रदेंश की जनता को शिक्षा, स्वास्थ्य, जनस्वास्थ्य, बिजली, परिवहन, कृषि, पशुपालन, सिंचाई इत्यादि की सेवाओं को मुहैया करवाये, लेकिन सरकार अपनी जिम्मेवारियों से भाग रही है।
प्रदर्शन की अध्यक्षता सर्व कर्मचारी संघ के जिला प्रधान कमलजीत बख्तुआ ने की, जबकि मंच संचालन इंद्र सिंह बधाना ने किया। इस मौके पर शिक्षा, स्वास्थ्य, पैक्स, जनस्वास्थ्य, पशुपालन, आईटीआई, पालीटेक्निक, नगर निगम, एमपीएचडब्लयू, राजस्व पटवार, सिंचाई, बिजली निगम, सभी विभागों के कंप्यूटर प्रोफेशनल, हेमसा, हरियाणा टूरिज्म, वन विभाग, 102 एंबुलेंस सेवा, आशा वर्कर, आंगनवाड़ी, मिडडे मील यूनियनों के सदस्य व पदाधिकारी मौजूद थे। कर्मचारी नेता इंद्र सिंह बधाना ने कहा कि कर्मचारियो ने एकता का परिचय देते हुए हड़ताल के जरिये सरकार की हठधर्मिता का करारा जवाब दिया है।
मुख्य मांगो के बारे में कर्मचारी नेताओं ने बताया कि रोडवेज के 3519 रूट निजी हाथो में देने के फैसले को रदद करना व रोडवेज में लगे चालक परिचालकों को नियुक्ति तिथि से सभी प्रकार के लाभ देना, प्रस्तावित कर्मचारी एवं जनतंत्र विरोधी कंडक्ट सर्विस रूल रद्द करना एवं हड़ताल का अधिकार सहित सभी ट्रेड यूनियन अधिकार सुनिश्चित करना, 85वां संविधान संशोधन लागू कर आरक्षित श्रेणी के पदों को बैकलोग से भरना, आरटीइ एक्ट को मूल भावना अनुसार लागू करना, महंगाई, बेरोजगारी व भ्रष्टाचार पर रोक लगाना, कानूनी रूप से वैध स्थानांतरण नीति बनाना, छठे वेतन आयोग की विसंगतियां दूर करना, चतुर्थ श्रेणी कर्मचारियों को ग्रैड पे 1800 देना, पदोन्नित में अव्यवहारिक बारहवीं की शर्त हटाना, महंगाई बेरोजगारी व भ्रष्टाचार पर रोक लगाना, सार्वजनिक सेवा के सभी विभागों में वर्कलोड अनुसार नये पद सृजत कर बेरोजगारों को रोजगार देना, महिला कर्मचारियों की स्वास्थ्य संबंधी आवश्यकताओं को ध्यान में रखते हुए विशेष अवकाश देना, यौन उत्पीड़न विरोधी कमेटियां गठित करना, पैक्स व टूरिज्म सहित अन्य जिन विभागो के सर्विस रूल नहीं है, उनके सर्विस रूल बनाकर अधिसूचना लागू करना आदि शामिल है।