अंबाला। छावनी नागरिक अस्पताल में हो रही चोरी की वारदातों को देखते हुए अस्पताल प्रबंधन ने अपने स्तर पर कमर कस ली है। सिक्योरिटी गार्ड के अलावा स्टाफ को भी ड्यूटी के दौरान अलर्ट रहने के निर्देश दिए हैं। जबकि इमरजेंसी वार्ड के बीच से होकर आईपीडी और ओपीडी में जाने वाले रास्ते को भी सामान्य लोगों के बंद कर दिया है।
केवल गंभीर मरीज को इस रास्ते से आने-जाने की अनुमति होगी। बाकायदा इस रास्ते पर पीएमओ डॉ. राकेश सहल के निर्देशों का पोस्टर भी चस्पा कर दिया गया है। यह कदम अमर उजाला में 4 जून को प्रकाशित चोरों के निशाने पर अस्पताल, तीन महीने में छह वारदात के समाचार के बाद उठाया है। इतना ही नहीं अस्पताल में ओपीडी और आईपीडी ब्लॉक के सभी रास्तों पर कैमरों के साथ-साथ सिक्योरिटी गार्ड के जरिए भी नजर रखी जा रही है ताकि चोरी की वारदात दोबारा न हो।
बता दें कि पिछले तीन माह में ही चोरी की वारदात काफी बढ़ गई थी। जहां पहले बाल रोग विशेषज्ञ की ओपीडी के बाहर से स्टाफ के पर्स में हाथ डालते हुए चोर को पकड़ लिया था। वहीं 2 मई को भी अस्पताल की नर्सिंग ऑफिसर परमजीत की जेब से भी आईफोन निकाल लिया था। हालांकि चोरी की यह वारदात सीसीटीवी फुटेज में कैद हो गई थी। जिसमें दो युवक चोरी की वारदात को अंजाम देते हुए दिखाई दे रहे थे।
वर्जन
अस्पताल स्टाफ व सिक्योरिटी गार्ड को अलर्ट रहने के निर्देश दिए गए है। इमरजेंसी के भीतर बने रास्ते का इस्तेमाल मरीजों के साथ-साथ सामान्य लोग भी करते थे वो बंद कर दिया गया है।
डॉ. राकेश सहल, पीएमओ, छावनी नागरिक अस्पताल