अंबाला। रेलवे स्टेशन की सुरक्षा में खामियां ही खामियां हैं, जिसका जहां से मन करता है, वहां से ही स्टेशन में घुस जाता है। शराबी, नशेड़ियों और भीख मांगने वालों ने स्टेशनों को ही अपना ठिकाना बना लिया है। कभी टिकट लेते हुए व्यक्ति का पर्स और मोबाइल चोरी हो जाता है, हद तो तब है कि ट्रेन के सबसे सुरक्षित माने जाने वाले एसी कोच में ही चोर व झपटमार घुस जाते हैं और चलती ट्रेन से कूदकर रेलवे यार्ड में गायब हो जाते हैं।
यह खुलासा सोमवार को हरियाणा एडीजीपी सीआईडी आलोक कुमार के निर्देश पर स्टेशन की सुरक्षा को लेकर हुई समीक्षा बैठक में हुआ। इस दौरान खुफिया महकमे सहित सेना, एयरफोर्स, जिला पुलिस, मधुबन, जीआरपी और आरपीएफ के अधिकारी मौजूद रहे। सभी ने अपने विचार बैठक में रखे कि किस प्रकार अंबाला कैंट रेलवे स्टेशन की सुरक्षा को पुख्ता किया जा सकता है। इसके बाद विस्तृत मंत्रणा के आधार पर एक सूची भी तैयार की गई जोकि जल्द अंबाला मंडल रेल प्रबंधक के समक्ष रखी जाएगी ताकि सुरक्षा को लेकर जहां-जहां खामियां हैं, उन्हें दूर किया जा सके।
वीआईपी आवागमन तक सीमित सुरक्षा
उत्तर रेलवे अंबाला मंडल का सबसे प्रमुख और बड़ा रेलवे स्टेशन अंबाला कैंट है। बावजूद इसके सुरक्षा को लेकर यहां इंतजाम के नाम पर खानापूर्ति है। कभी कोई घटना होती है या फिर कोई वीआईपी आवागमन होता है तो स्टेशन के दरवाजों पर मेटल डिटेक्टर और सुरक्षा कर्मचारी नजर आते हैं। अन्य दिनों में सिर्फ डीआरएम के आवागमन के दौरान ही कभी-कभार सुरक्षा कर्मचारी स्टेशन के मुख्यद्वार सहित अन्य ठिकानों पर तैनात रहते हैं।
यहां हैं छेद, जिन्हें भरना जरूरी
समीक्षा बैठक में सुरक्षा को लेकर सबसे विशेष मुद्दा स्टेशन का चारों तरफ से खुला होना था। इस पर चर्चा करते हुए फैसला हुआ कि ऐसे रास्तों को चिह्नित किया जाए और वहां 10 से 12 फुट की दीवार खड़ी करके कांटेदार तारें लगाई जाएं।
- इसी प्रकार स्टेशन पर कैमरों की संख्या में बढ़ोतरी की जाए।
- वहीं स्टेशन पर भी आने-जाने के तीन रास्ते हैं, जिन्हें बंद करने की जरूरत है। इसलिए स्टेशन पर आगमन व निकासी के लिए अलग-अलग रास्ते बनाने पर मंत्रणा की गई।
- स्टेशन से प्लेटफार्म पर आने के जितने भी रास्ते हैं, वहां मेटल डिटेक्टर और लगेज स्कैनर लगाने को लेकर भी सभी अधिकारियों ने सहमति जताई।
- पार्किंग में खड़ी होने वाली गाड़ियों की भी विशेष निगरानी के निर्देश दिए गए। इसके तहत ठेकेदार गाड़ियों के नंबर और चालक का मोबाइल नंबर दर्ज करेगा।
12 साल पहले मिला था आरडीएक्स, धमकियां अनगिनत
12 साल पहले अंबाला कैंट रेलवे स्टेशन की पार्किंग में खड़ी कार से लगभग 5 किलो आरडीएक्स मिला था। इसे दिल्ली और हरियाणा पुलिस की स्पेशल टीम ने कब्जे में लिया था। वहीं स्टेशन को उड़ाने की कई बार धमकियां भी मिल चुकी हैं। बावजूद इसके स्टेशन की सुरक्षा को लेकर कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया। हर बार बैठक हुई, लेकिन बैठकों में की गई मंत्रणा आजतक सिरे नहीं चढ़ पाई। इसका अंदाजा इस बात से लगाया जा सकता है कि कैंट स्टेशन पर अगर लगेज स्कैनर खराब हो जाए तो इसे दुरुस्त होने में 15 से 20 दिन लग जाते हैं। वहीं सुरक्षा को लेकर स्टेशन पर लगाए गए 47 कैमरों में से चार कैमरे पिछले काफी समय से खराब हैं, जो दुरुस्त ही नहीं किए गए।
वर्जन
एडीजीपी सीईडी के निर्देश पर अंबाला कैंट रेलवे स्टेशन की सुरक्षा को लेकर रिव्यू बैठक हुई थी। इसमें जीआरपी, आरपीफ, जिला पुलिस, सेना, एयरफोर्स व खुफिया विभाग के अधिकारी मौजूद थे। सुरक्षा को लेकर कुछ मुद्दों पर चर्चा हुई है। आगामी कार्रवाई के लिए अब जीआरपी और आरपीएफ को कार्रवाई करनी है।
रजनीश, डीएसपी अंबाला कैंट।