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Ambala News: स्ट्रीट लाइट एक साल से खा रही जंग

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सतनाम सिंह
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अंबाला। शहर में लगने वाली 27 हजार नई स्ट्रीट लाइट एक साल से जंग खा रही हैं। इन स्ट्रीट लाइट को लगाने के लिए कई बार फाइल चली। लेकिन टेंडर प्रक्रिया सिरे नहीं चढ़ी। अब इन लाइट को लगाने के लिए दोबारा से फाइल चली है। फाइल को नगर निगम आयुक्त की अप्रूवल मिल चुकी है। अब यह फाइल निदेशालय जाएगी।
इन लाइट को लगाने के लिए निगम हाउस में भी मुद्दा उठ चुका है। पार्षद भी कई बार लाइट को लगाने के लिए निगम अधिकारियों को कह चुके हैं, मगर स्थिति यह है कि यह लाइट अभी तक नहीं लगाई। यही नहीं निगम इन लाइट की गारंटी भी बढ़वा चुका है।
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लाइट न लगने से सेक्टर व कॉलोनियों में पसरा अंधेरा

शहर के सेक्टर, कॉलोनी और ग्रामीण क्षेत्र में लगाई जाने वाली 27 हजार स्ट्रीट लाइट करीब आठ माह से बंद कमरे में कबाड़ हो रही हैं। लाइट न लगने से शहर व गांव के एरिया में अंधेरा पसरा है। वार्ड पार्षद भी उनके वार्डों में इन लाइट को लगाने के लिए कई बार मांग कर चुके हैं।
वार्ड-एक में निगम के ज्यादा गांव आते हैं। इस एरिया में अभी तक स्ट्रीट लाइट के लिए पोल भी नहीं लगाए गए हैं। इन गांवों के लोग कई बार पार्षद और अधिकारियों के समक्ष भी दुखड़ा रो चुके हैं, मगर हालात जस के तस हैं।

निगम में शामिल गांव में स्ट्रीट लाइट लगाने के लिए पोल भी लगेंगे

दरअसल, निगम के सभी 20 वार्ड में लगाने के लिए नई स्ट्रीट लाइट आई थी। इन स्ट्रीट लाइट की खरीद के लिए टेंडर मुख्यालय स्तर पर हुआ था। इन लाइट को लगाने के लिए निगम ने टेंडर करना था।
निगम में शामिल हुए गांव में स्ट्रीट लाइट लगाने के लिए पोल भी लगने हैं। स्ट्रीट लाइट के पोल और स्ट्रीट लाइट लगाने के लिए टेंडर प्रक्रिया लाइट आने के बाद ही शुरू हो गई थी, मगर यह एक वर्ष में भी सिरे नहीं चढ़ी। अब दोबारा टेंडर लगाने के लिए प्रक्रिया शुरू हुई है।

फोटो-12 टिकट साइज
तीन वर्ष बीत जाने के बाद भी न स्ट्रीट लाइट लगी न ही पोल : मेहता

नगर निगम के डिप्टी मेयर राजेश मेहता ने कहा कि सरकार शहरवासियों को अंधेरे में धकेलने का कार्य कर रही हैं। पिछली बार दीपावली ऐसे ही निकल गई, अबकी बार फिर ऐसे ही दीपावली निकलने के आसार दिख रहे हैं। शहर में लगभग 27 हजार नई स्ट्रीट लाइट लगनी थी। इसमें 18 करोड़ नगर निगम ने देने थे और 18 करोड़ राज्य सरकार ने देना था।
निगम अधिकारियों ने शहर में नई स्ट्रीट लाइट लगाने का कार्य नहीं किया, जबकि यह स्ट्रीट लाइट पिछले एक साल से निगम के कमरे में बंद करके रखी गई हैं। शहर और निगम के गांवों में अंधेरा पसरा है। निगम में आए गांवों की सबसे ज्यादा बुरी स्थिति है। इन गांवों में तीन वर्ष बीत जाने के बाद भी न तो स्ट्रीट लाइट लगी और न ही पोल लगाए गए। निगम को यह लाइट सर्दी से पहले लगानी चाहिए।

फोटो-11 टिकट साइज
कोट्स

एक वर्ष से शहर के लिए आई नई स्ट्रीट लाइट निगम के बंद कमरे में कबाड़ हो रही हैं। इससे निगम में शामिल किए गए गांवों में अंधेरा पसरा है। अभी तक इन लाइट को लगाने के लिए टेंडर तक नहीं हो पाया। यह निगम अधिकारियों की लापरवाही है। इससे जनता को परेशानी झेलनी पड़ रही है।
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पूजा चौधरी, मनोनीत पार्षद।

वर्जन

नई स्ट्रीट लाइट लगाने को लेकर दोबारा फाइल चलाई गई है। फाइल मुख्यालय भेजने के लिए नगर निगम आयुक्त से अनुमति मिल गई है। फाइल को मुख्यालय में भेजा जाएगा। इसके बाद यह फाइल हाई परचेज कमेटी के समक्ष रखी जाएगी। जल्द ही शहर में स्ट्रीट लाइट लगवाई जाएंगी।

एलसी चौहान, एक्सईएन, नगर निगम।
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