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निगम बनने के बाद स्ट्रीट लाइट विवाद नहीं छोड़ रहा पीछा

Wed, 20 Jul 2016 12:27 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो/अंबाला कैंट।
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अंबाला कैंट। निगम बनने के बाद स्ट्रीट लाइट का विवाद पीछा छोड़ने का नाम नहीं ले रहा है। लोग अंधेरी गलियों से होकर अपने घरों तक पहुंच रहे हैं, जबकि सुनवाई करने वाला कोई नहीं है। यदि स्ट्रीट लाइट बंद हो जाए तो ठीक नहीं होती और यदि ठीक हो जाए तो यह फिर से कुछ दिनों बाद बंद हो जाती है। लेकिन गलियों व सड़कों से रात के समय अंधेरा छंटने का नाम नहीं ले रहा है। हालात यह हैं कि निगम के अफसर इस स्थिति को दुरुस्त करने के दावे तो करते हैं, लेकिन हालात उनके दावों की हकीकत बयान कर देते हैं। लोगों की यह समस्या कब हल होगी, पता नहीं लेकिन लोगों के लिए यह एक बड़ी परेशानी बन रही है।
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हर वार्ड में एक जैसे हालात
नगर निगम बनने के बाद ट्विन सिटी में वार्डों की संख्या बीस कर दी गई है। इन सभी वार्डों में स्ट्रीट लाइट के हालात लगभग एक जैसे ही ही है। गलियों में अंधेरा पसरा रहता है, जबकि इन गलियों में लगी स्ट्रीट लाइटें बंद पड़ी हैं या फिर हैं ही नहीं। इन हालात को लेकर नगर निगम की बैठक में कई बार हंगामा हो चुका है, जबकि पार्षदों ने स्ट्रीट लाइट को लेकर गंभीर आरोप तक जड़ दिए हैं, लेकिन हालात नहीं सुधरते। पार्षद भी अधिकारियों की कार्यशैली पर साल उठा चुके हैं, इसके बावजूद इस समस्या का समाधान नहीं मिल रहा है।

निगम में शामिल क्षेत्र की स्थिति ठीक नहीं
निगम बनने के बाद जो एरिया नगर निगम में शामिल किया गया, उनमें हालात ज्यादा ठीक नहीं हैं। इन कॉलोनियों में अंधेरा छाया रहता है और लोगों को डर रहता है कि कहीं कोई आपराधिक वारदात तक न हो जाए। लोगों की मानें तो कई बार अधिकारियों को शिकायत दी गई, जबकि शिकायत रजिस्टर में भी इसे दर्ज किया गया, लेकिन फिर भी कुछ नहीं होता। लोगों का कहना है कि उन्हें नहीं लगता कि यह समस्या दूर हो सकेगी।
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यह कहती है जनता
बाजारों व कॉलोनियों में स्ट्रीट लाइट के बुरे हाल हैं। कहीं पर प्वाइंट जल रहे हैं तो कहीं पर यह ऑफ हैं। अभी कुछ दिन पहले ही लालकुर्ती एरिया की बंद स्ट्रीट लाइट की शिकायत दी है, लेकिन कुछ नहीं होता। मुझे नहीं लगता कि निगम इस मामले को लेकर गंभीर है। यदि यही हालात रहे तो आपराधिक प्रवृत्तियों के लोग वारदात तो करेंगे।
- नवीन यादव, पूर्व पार्षद

सिर्फ उन सड़कों को ही टारगेट करते हैं, जहां पर बाजार या दुकानें हैं। इसके अलावा जिन रास्तों से लोगों की आवाजाही ज्यादा है, वहां पर स्ट्रीट लाइट ही नहीं हैं। ऐसा नहीं है कि अधिकारियों को इसकी जानकारी न हो, लेकिन कुछ नहीं होता। हां, अफसरों के एरिया में यह सब ओके मिलेगा।
- इंप्रीत सिंह, युवा

बीडी फ्लोर मिल के पीछे का एक बड़ा एरिया है, जहां पर स्ट्रीट लाइट ही नहीं है। यदि कहीं पर है तो वह इक्का दुक्का स्थान ही होंगी कुछ घरों से ट्यूब आदि जलते हैं। इनसे आसपास रोशनी रहती है, लेकिन इसके अलावा कुछ नहीं है। कई रास्ते तो ऐसे हैं, जहां पर आवाजाही ज्यादा है, लेकिन स्ट्रीट लाइट नहीं हैं।
- प्रदीप शर्मा, कारोबारी अंबाला

मुख्य सड़कों पर स्ट्रीट लाइट हैं, लेकिन इनमें से भी कईं प्वाइंट बंद हैं। इसके बाद यदि कॉलोनियों की ओर रुख करें तो यहां पर स्ट्रीट लाइट की संख्या कम होती जाती हैं। कई गलियों में तो स्ट्रीट लाइट ही नहीं दिखती। महेश नगर, बीडी फ्लोर मिल के पीछे की कॉलोनियां, गोविंद  नगर की कई गलियां अंधेरे में डूबी रहती हैं।
- सोहन लाल, युवा समाज सेवी, अंबाला

ट्विन सिटी में स्ट्रीट लाइट की समस्या का अंत होता नहीं दिखता। हर बैठक में इसको लेकर हंगामा होता है, लेकिन फिर भी हालात नहीं बदलते। कुछ दुकानदारों या फिर घरों में रहने वाले लोगों ने ट्यूबें लगा रखी है। इससे रोशनी होती है, अन्यथा भीतरी इलाकों में तो हालात बदतर ही हैं।
- अमित गोयल, कारोबारी, अंबाला

निगम के काम चाहे ऑनलाइन कर लिए जाएं, लेकिन स्ट्रीट लाइट की समस्या हल नहीं होती। बार-बार फोन करने पर भी इसे ठीक नहीं किया जाता। कई बार तो एक ही प्वाइंट की शिकायतें आती रहती हैं। समझ नहीं आता कि क्या हो रहा है। कई कंप्लेंट तो अटेंड ही नहीं होती, जबकि कर्मचारी इसे ओके बता देते हैं।
- दुर्गा सिंह अत्री, सीनियर डिप्टी मेयर, नगर निगम अंबाला

अफसरों को अतिक्रमण तो नजर आता है, लेकिन स्ट्रीट लाइट कहां पर नहीं है, उस ओर बिलकुल ध्यान नहीं है। मीटिंग करते रहते हैं, लेकिन समस्या तो हल नहीं हो रही है। लोगों को अंधेरे में आवाजाही करनी पड़ रही है। जहां अफसर हैं, वहां पर तो यह सब ठीक है, लेकिन जहां जनता है, उसकी ओर कोई ध्यान नहीं दिया जाता।
- सुधीर जायसवाल, डिप्टी मेयर, नगर निगम अंबाला

स्ट्रीट लाइट की समस्याएं लगातार सामने आ रही हैं, जबकि हर मीटिंग में इस पर चर्चा भी होती है। अफसरों को यह देखना चाहिए कि आखिर क्या कारण हैं कि कालोनियों की गलियों में अंधेरा है। इस बारे में जानकारी एकत्रित की जाएगी ताकि पता चले कि कहां पर इसकी जरूरत है और कहां पर समस्या है। इसके बाद ठोस कार्रवाई की जाएगी ताकि गलियों में अंधेरा न हो।
- रमेश मल, मेयर नगर निगम अंबाला

जिन एरिया से शिकायतें आ रही हैं, वहां पर सर्वे करवाया जाएगा, ताकि स्थिति का पता चल सके। इसकी रिपोर्ट बनाई जाएगी और उसके बाद एक सिरे से काम कराया जाएगा। जल्द ही स्ट्रीट लाइट की समस्या को प्राथमिकता पर हल कराएंगे।
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- गगनदीप सिंह, ज्वाइंट कमिश्नर, नगर निगम अंबाला
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