अंबाला सिटी। सेक्टर-7 नीलकंठ मंदिर में जन जागृति संगठन की प्रथम बैठक का आयोजन किया। इसका आयोजन संगठन संयोजक राम रतन गर्ग की ओर से किया गया। इसमें शहर के विभिन्न संस्थाओं से जुड़े सदस्यों ने हिस्सा लिया। इस दौरान राम रतन ने 21 सदस्य कार्यकारिणी की घोषणा की।
गर्ग ने कहा कि इस संगठन का उद्देश्य सेवा समर्पण सहयोग है। शंभू बॉर्डर बंद होने के कारण अंबाला के व्यापारी वर्ग की रीढ़ की हड्डी टूट गई है। हर छोटा और बड़ा व्यापारी इस कारण प्रतिदिन नुकसान झेल रहा है। आम जन मानस को आने-जाने में बहुत कठिनाई का सामना करना पड़ रहा है। उन्होंने कहा कि संगठन सभी व्यापारिक संस्थानों से मिलकर बॉर्डर खोलने के लिए ज्ञापन देगा। उसे खुलवाने का पूर्ण प्रयास होगा।
दिल्ली और हरियाणा से लगते सभी बॉर्डर सरकार की ओर से पहले ही खोले जा चुके हैं, लेकिन शंभू बॉर्डर को अभी तक नहीं खोला गया। उन्होंने कहा कि यह अंबाला की जनता के साथ घोर अन्याय है। इसी कारण जनता को एक संगठन बनाने की आवश्यकता महसूस हुई। संगठन की ओर से सभी संस्थाओं से मिलकर हस्ताक्षर अभियान चलाया जाएगा और मुख्य जीटी रोड बॉर्डर खुलवाने के लिए जनहित में जन आंदोलन तैयार किया जाएगा। एक ज्ञापन डीसी के माध्यम से देश के गृहमंत्री के नाम दिया जाएगा।
इस अवसर पर सह संयोजक कमल सिंगला और संजय लाकड़ा ने भी अपने विचार रखे। उपप्रधान नीरू वढेरा ने संगठन बनाने पर रामरतन की सराहना करते हुए अपने विचार रखें। सतीश कालड़ा, मदन गोपाल ने भी जनसभा के आगे अपने विचार रखे। प्रधान विप्लव सिंगला ने कहा कि उनकी प्राथमिकता सूची में अंबाला की तीन प्रमुख समस्याएं केंद्रित रहेंगी।
इसमें शंभू बॉर्डर खुलवाकर जनता के जीवन को सुगम बनाना, हर वर्ष बाढ़ के कारण होने वाले नुकसान से जनता के बचाव के लिए ठोस योजना तैयार करवाना और नालों की सफाई में पारदर्शिता और तेजी लाना, अंबाला के हर वार्ड के हर मोहल्ले कॉलोनी में सफाई व्यवस्था दुरुस्त करवाना। बैठक के अंत में राम रतन गर्ग ने सभी का आभार जताया।
संगठन में यह बनाए गए कार्यकारिणी सदस्य
जन जागृति संगठन में सरंक्षक अशोक कुमार, शरण पाल सचदेवा, संयोजक राम रतन गर्ग, सह संयोजक कमल सिंगला, संजय लाकड़ा, प्रधान विप्लव सिंगला, उप प्रधान, सुदेश जैन, नीरू बढेरा, विकास जैन, महासचिव अमित जैन, विस्तारक राजीव जैन, कोषाध्यक्ष सोमनाथ नागपाल, मीडिया प्रभारी लकी जुनेजा, सह मीडिया प्रभारी पुनीत जैन, संगठन मंत्री विपिन डाबर, देवी लाल शर्मा, प्रचार सचिव कृष्णा गंभीर, सह प्रचार सचिव सतीश कालड़ा मदन गोपाल, लेखाकार राजन अरोड़ा, सलाहकार राकेश गुप्ता शामिल हैं।