शिक्षिका की सूचना पर मामला बाल कल्याण समिति (सीडब्ल्यूसी) तक पहुंचा। इसके बाद महिला थाना पुलिस ने पॉक्सो एक्ट के तहत प्राथमिकी दर्ज कर आरोपी को गिरफ्तार कर न्यायिक हिरासत में भेज दिया। चार भाई-बहनों में सबसे बड़ी छात्रा ने बताया कि उसका सौतेला पिता काफी समय से उस पर बुरी नजर रखता था और पहले भी कई बार गलत हरकत करने का प्रयास कर चुका था।
छात्रा के अनुसार, जब उसने मां को इसकी जानकारी दी तो उन्होंने डर के कारण बात को अनदेखा कर दिया और उसे चुप रहने के लिए कहा। परिवार से सहयोग नहीं मिलने पर उसने स्कूल में अपनी शिक्षिका को पूरी घटना बताई।
मां ने केस वापस लेने को कहा, छात्रा शेल्टर होम में
बाल कल्याण समिति ने जब छात्रा की मां को बुलाया तो उन्होंने बेटी से मामला वापस लेने के लिए कहा। इसके बाद समिति ने छात्रा की सुरक्षा को देखते हुए उसे फिलहाल शेल्टर होम भेज दिया। गुरुवार को उसकी काउंसलिंग भी कराई गई। छात्रा ने काउंसलिंग के दौरान घर लौटने की इच्छा जताई, लेकिन बताया कि मां लगातार केस वापस लेने का दबाव बना रही हैं।
बाल कल्याण समिति की अध्यक्ष रंजीता गोयल ने बताया कि जब तक मां की काउंसलिंग पूरी नहीं हो जाती और बच्ची की सुरक्षा को लेकर संतोषजनक स्थिति नहीं बनती, तब तक छात्रा को शेल्टर होम में ही रखा जाएगा। अधिकारियों के अनुसार, स्कूल में चलाए गए जागरूकता कार्यक्रम के कारण ही छात्रा ने हिम्मत दिखाते हुए अपनी आपबीती शिक्षिका को बताई।