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स्टेट सेंट्रल लाइब्रेरी : फर्श पर शिक्षा, अर्श पर गर्मी

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संदीप कुमार
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अंबाला। छावनी के उपमंडल कार्यालय में स्टेट सेंट्रल लाइब्रेरी में समस्याएं कम होने का नाम नहीं ले रहीं। कभी गंदा पानी आने की समस्या तो कभी कुर्सियों की दिक्कत। बस की समस्या तो कभी फाल सिलिंग की टूटने की समस्या। वर्तमान में लाइब्रेरी में एसी बंद हैं। इस वजह से विद्यार्थी गर्मी से जूझ रहे हैं।
इस लाइब्रेरी में छावनी के राजकीय पीजी काॅलेज के छात्र और सरकारी नौकरी के लिए प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी करने वाले करीब 300 युवा सुबह से शाम तक रहते हैं। छात्रों को कहना है कि अंबाला में इस समय 44 डिग्री से भी ज्यादा का तापमान है। लाइब्रेरी में छह एसी हैं। इसमें से एक ही चल रहा है। जबकि पांच बंद हैं। लाइब्रेरी में पंखे तो चल रहे हैं, लेकिन इस पंखों से गर्मी कम नहीं हो रही। कई छात्र तो लाइब्रेरी के बाहर गैलरी में फर्श पर ही बैठकर पेपर की तैयारी करते हैं। छात्रों का कहना है कि उन्होंने 30-30 रुपये इकट्ठे किए थे। इसके बाद उन्होंने एसी की सर्विस भी करा दी थी, लेकिन उसके बाद भी एसी नहीं चले।
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गैलरी में बैठकर करते हैं पेपर की तैयारी
गांव कोड़वा कलां निवासी अमित ने बताया कि वह स्टेट सेंट्रल लाइब्रेरी में एसएस की तैयारी कर रहा है, लेकिन पिछले काफी समय से लाइब्रेरी में एसी बंद होने के कारण वह अन्य छात्रों के साथ गैलरी में फर्श पर बैठकर पेपर की तैयारी करते हैं।
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लाइब्रेरी में बिना एसी के नहीं होती पढ़ाई
गांव कपूरी निवासी जतिन ने बताया कि वह छावनी के राजकीय पीजी कालेज में प्रथम वर्ष का छात्र है। इस समय अंबाला में भीषण गर्मी पड़ रही है। लाइब्रेरी में पांच एसी बंद होने के कारण वह ठीक से पढ़ाई भी नहीं कर पा रहा है।
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इंचार्ज को शिकायत के बाद भी नहीं हुए एसी चालू
बंटी का कहना है कि वह एमए के तैयारी कर रहा है। इसके वह लाइब्रेरी में घंटों पढ़ाई करता है, लेकिन दो महीने होने वाले है और तब से एसी खराब है। इंचार्ज को शिकायत भी की गई है, लेकिन अभी तक कोई भी इस ओर ध्यान नहीं दे रहा है।
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चंदा कर कराई थी एसी की सर्विस
गांव रतनहेड़ी निवासी सोहन का कहना है कि वह रेलवे में नौकरी के लिए पेपर की तैयारी कर रहा है। करीब बीस दिन पहले कई छात्रों ने मिलकर पैसे इकट्ठे किए और एसी की सर्विस करवाई थी, लेकिन उसके बाद भी यह एसी नहीं चले ।
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वर्जन

यह मामला पीडब्ल्यूडी के इलेक्ट्रिकल विंग का है। फिर भी मैं बच्चों से जुड़ी इस समस्या के समाधान के लिए संबंधित अधिकारी से बात कर लेता हूं, जिससे कि एसी दुरुस्त हो जाएं।
रितेश अग्रवाल, कार्यकारी अभियंता, पीडब्लयूडी।
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