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Ambala News: खेल नर्सरियां आवंटित, अब आवासीय अकादमी का इंतजार

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- तैराकी, जिम्नास्टिक और फुटबॉल के लिए बेहतर मैदान व पूल उपलब्ध
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संवाद न्यूज एजेंसी
अंबाला। प्रदेश में खेल नर्सरियों के आवंटन के बाद अब खिलाड़ियों व खेल प्रेमियों की निगाहें रेजिडेंशियल खेल अकादमियों पर टिक गई हैं। अंबाला में तैराकी, जिम्नास्टिक और फुटबॉल के लिए विश्व स्तरीय बुनियादी ढांचा मौजूद है, इन अकादमियों की मेजबानी के लिए मजबूत दावेदारी पेश कर रहा है।
जिला खेल विभाग की ओर से मुख्यालय में इन अकादमियों के लिए पत्राचार कर दिया है लेकिन मुख्यालय से आने वाली अंतिम रिपोर्ट का इंतजार है। हालांकि पहले अंबाला में तीनों की रेजिडेंशियल खेल अकादमियां थी।
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प्रदेशभर से 25 खिलाड़ी होते हैं चयनित
एक रेजिडेंशियल अकादमी में प्रदेशभर से चयनित 25 बेहतरीन खिलाड़ियों को रखा जाता है। इन खिलाड़ियों को न केवल उच्च स्तरीय खेल प्रशिक्षण दिया जाता है, बल्कि उनके रहने के लिए होस्टल और खान-पान की विशेष सुविधा भी सरकार द्वारा उपलब्ध कराई जाती है। इससे खिलाड़ियों को अपनी प्रतिभा निखारने के लिए अनुकूल वातावरण मिलता है। 2025 में विभाग की तरफ से रेजिडेंशियल अकादमी नहीं खोली गई थी।
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अंबाला का हॉस्टल फांक रहा धूल
अंबाला कैंट के विजय रत्न चौक के पास खिलाड़ियों के छात्रावास यानी हॉस्टल में ही जिला खेल विभाग का कार्यालय चल रहा है। रेजिडेंशियल अकादमी के खिलाड़ियों को यहीं ठहराया जाता है व भोजन की व्यवस्था करवाई जाती है। वारहीरोज स्टेडियम में ही खिलाड़ी प्रशिक्षण लेते हैं। पिछले दो साल से अकादमी अलॉट न होने के कारण इस होस्टल के बंद कमरे धूल फांक रहे हैं।


तैराकी, जिम्नास्टिक व फुटबॉल की रेजिडेंशियल अकादमी के लिए दावेदारी की गई है। मुख्यालय स्तर पर ही इसका निर्णय लिया जाएगा।
- राम स्वरूप, जिला खेल अधिकारी अंबाला
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