अंबाला सिटी। स्वास्थ्य विभाग की ओर से भ्रूण जांच और गलत तरीके से गर्भपात करवाने वालों पर शिकंजा कसा जाएगा। लिंगानुपात पर नियंत्रण करने के लिए एसटीएफ के निर्देश पर नई विशेष टीमों का गठन किया है। ये टीमें अब पीएनडीटी के तहत होने वाले अलग-अलग कार्य संभालेंगी, जिससे कार्रवाई करने में भी आसानी होगी इसके साथ ही एक ही अधिकारी पर अधिक बोझ भी नहीं रहेगा। इस टीम में विशेषज्ञ चिकित्सकों को शामिल किया गया है, जो पांच तरह के काम करेंगी जिसमें एमटीपी केंद्रों की जांच करना, जांच किए गए केंद्रों की रिवर्स जांच, दबिश देने के लिए अगल टीम और जागरूकता के लिए अलग टीम कार्य करेगी।
916 पहुंचा लिंगानुपात
अंबाला जिले का वर्तमान लिंगानुपात का आंकड़ा 916 के करीब है। यह बीते वर्ष के मुकाबले कम है, वहीं कई ऐसे गांव भी सामने आए हैं, जिनमें बीते वर्ष से लगातार लिंगानुपात कम होता जा रहा है। जिले में 59 ऐसे गांव हैं जिनका लिंगानुपात 800 से भी कम हो गया है। इसी कारण विभाग अब सख्ती का रुख अपना रहा है।
चिकित्सकों पर होगी कार्रवाई
जिले में जो भी चिकित्सक पीएनडीटी नियमों के विरुद्ध कार्य करता पाया गया तो उसके खिलाफ उचित कार्रवाई होगी इसके साथ ही चिकित्सक का लाइसेंस भी रद्द कर दिया जाएगा। कई बार देखने में आया कि देहात क्षेत्रों में कई चिकित्सक महिलाओं को एमटीपी किट बेचकर गर्भपात करवा रहे हैं।
- हमारी ओर से विशेष टीमें बनाई गई हैं। जो अलग- अलग भूमिका निभाएंगी। इससे भ्रूण जांच करने वालों पर कार्रवाई करने में मदद मिलेगी।
- डॉ. हितार्थ, पीएनडीटी टीम सदस्य स्वास्थ्य विभाग अंबाला।