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Ambala News: शिफ्ट होगा ठोस कचरा प्रबंधन प्लांट

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कैंटोनमेंट बोर्ड क्षेत्र के पंजोखरा साहिब रोड पर स्थापित किया गया प्लांट। संवाद
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अंबाला। राफेल के आने के बाद बंद पड़े 70 लाख के ठोस कचरा प्रबंधन प्लांट के शुरू होने की उम्मीद एक बार फिर जगी है। प्रशासन ने इस संबंध में कार्रवाई भी शुरू कर दी है। कैंटोनमेंट बोर्ड इस प्लांट को ऐसी जगह स्थापित करेगा, जहां पक्षियों से खतरा न हो।
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इसके लिए कैंटोनमेंट बोर्ड प्रस्ताव तैयार करने में जुट गया है। इसके लिए एयरफोर्स के अधिकारियों से भी मंत्रणा की जाएगी, जिससे कि उन्हें भी प्लांट को स्थापित करने के लिए किसी भी प्रकार की आपत्ति न हो। कैंटोनमेंट बोर्ड के नवनियुक्त मुख्य अधिशासी अधिकारी यानी सीईओ ने बंद हो चुके ठोस कचरा प्रबंधन प्लांट को पुन: संचालित करने का फैसला किया है, जिससे कि लाखों रुपये की बंद मशीनरी को दोबारा से इस्तेमाल में लाया जा सकेे और कूड़े का निस्तारण किया जा सके।
बंद करने का ये था कारण
एयफोर्स स्टेशन में राफेल के आने के बाद अधिकारियों के संज्ञान में आया था कि ठोस कचरा प्रबंधन प्लांट में गंदगी की वजह से पक्षी पूरा दिन आसमान में मंडराते रहते हैं। इसकी जानकारी कुछ पायलटों ने भी विभागीय अधिकारियों को दी थी। इसके बाद एयरफोर्स स्टेशन के अधिकारियों की तरफ से कैंटोनमेंट बोर्ड के अधिकारियों को पत्र लिखकर इस समस्या की जानकारी दी गई तो तुरंत प्रभाव से इस प्लांट को बंद कर दिया गया और जो कूड़ा यहां और इसके आसपास गिराया जाता था, उसे लगभग 10 किमी दूरी ऐसी जगह पर गिराया जाने लगा ताकि कूड़े पर मंडरा रहे पक्षियों की वजह से राफेल को कोई नुकसान न हो।
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जनवरी 2021 में हुआ था स्थापित
जनवरी 2021 में पंजोखरा रोड पर ठोस कचरा प्रबंधन प्लांट स्थापित किया गया था और सेना के अधिकारियों ने इसका शुभारंभ किया था। इस प्लांट में रोजाना पांच टन कचरे का निस्तारण किया जाता था। प्लांट के लिए सेना की तरफ से 54 लाख रुपये और कैंटोनमेंट बोर्ड की तरफ से 16 लाख रुपये दिए गए थे। इसके बाद प्लांट में गीले व सूखे कचरे को अलग-अलग कर डाला जाता था। गीले कचरे से खाद बनाई जा रही थी जबकि सूखे प्लास्टिक कचरे को कंपनियों को भेजा जा रहा था।
900 रुपये प्रतिटन के हिसाब से हो रहा निस्तारण
कैंटोनमेंट बोर्ड के अधीन आठ वार्ड के कूड़ा निस्तारण का काम लगभग 900 रुपये प्रतिटन के हिसाब से किया जा रहा है। आठ वार्ड में कूड़ा एकत्रित करने का काम बोर्ड के कर्मचारी कर रहे हैं। बोर्ड क्षेत्र से रोजाना लगभग 13 से 14 टन कूड़ा निकलता है। इसमें सेना, एयरफोर्स सहित बोर्ड क्षेत्र सहित रिहायशी क्षेत्र शामिल है। आठ से नौ कूड़े का निस्तारण पहले पटवी प्लांट में होता था। अब इसी कूड़े का निस्तारण जटवाड़ में किया जा रहा है। जबकि पांच टन कूड़े का निस्तारण पंजोखरा रोड पर स्थित साॅलिड वेस्ट मैनेजमेंट प्लांट में किया जाता था।
वर्जन
पंजोखरा साहिब रोड पर स्थापित किया ठोस कचरा प्रबंधन प्लांट पिछले कुछ समय से बंद है। इसे राफेल की उड़ान को देखते हुए बंद किया गया था। इसलिए अब इसे किसी दूसरी जगह स्थानांतरित करने की योजना तैयार की जा रही है। इसमें एयरफोर्स स्टेशन की भी अनुमति ली जाएगी ताकि राफेल सहित अन्य जहाजों को उड़ने में कोई दिक्कत न हो।
राहुल आनंद शर्मा, सीईओ कैंटोनमेंट बोर्ड अंबाला।

कैंटोनमेंट बोर्ड क्षेत्र के पंजोखरा साहिब रोड पर स्थापित किया गया प्लांट। संवाद

कैंटोनमेंट बोर्ड क्षेत्र के पंजोखरा साहिब रोड पर स्थापित किया गया प्लांट। संवाद

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