अंबाला सिटी। अमेरिका से अगस्त 2025 में डिपोर्ट होकर लौटे युवक गुरजिंद्र सिंह से 57 लाख रुपये की धोखाधड़ी हुई। डंकी रूट से यातनाएं देते हुए मैक्सिको पहुंचाने वाले दो एजेंटों पर नग्गल थाना पुलिस ने प्राथमिकी दर्ज की है। युवक के पिता पटियाला के मोलगढ़ गांव निवासी जगीर सिंह ने तहरीर में बताया कि एजेंटों ने किश्ती व टैक्सी के जरिये बेटे को 24 देश घुमाने के बाद मैक्सिको पहुंचाया था। 9 माह कैंप में रहने के बाद बेटा भारत आया। पुलिस ने पिहोवा निवासी जसविंदर सिंह व जनसूआ गांव निवासी मनदीप सिंह पर इमीग्रेशन एक्ट, आपराधिक विश्वासघात 316(2), धोखाधड़ी 318(2) की धाराओं के तहत कार्रवाई की है।
पटियाला के मोलगढ़ गांव निवासी जगीर सिंह ने बताया कि जनसूआ निवासी अजीत सिंह के माध्यम से उनका संपर्क जसविंद्र सिंह व मनदीप सिंह से हुआ था। बेटे को विदेश भेजने के लिए बोला तो आरोपियेां ने 2 अगस्त 2024 को पिहोवा स्थित कार्यालय में बुलाया। पहले तो बेटे को भेजने के लिए 45 लाख रुपये मांगे थे। रुपये न होेने की बात कही तो आरोपियों ने कहा कि आपके पास जो एक किला 6 कनाल 12 मरले भूमि है उसे बेच दो। उस समय रजिस्ट्री करवाने के लिए हां कर दी थी। आरोपियों ने सूर्यनेम का पेपर वीजा मंगवा कर बेटे को 21 अगस्त को भेज दिया। रास्ते में बेटे को नीदरलैंड 2 दिन के लिए एयरपोर्ट पर ही ठहराया। वहां खड़ा करने के बाद जमीन की रजिस्ट्री करवाने का दबाव डाला।
किश्ती व टैक्सी का विरोध करने पर युवक के होती थी मारपीट
पीड़ित जगीर सिंह ने आरोप लगाया कि पहले तो जमीन का ब्याना करवाने के बाद आरोपियों ने जमीन एक दूसरी महिला के नाम करवा दी। 20 लाख रुपये लेने के बाद हमारे मकान का भी बयाना लिखवा लिया। बाकी रुपये नकद व खातों में डलवाए। आरोप लगाया कि रुपये लेने के बाद बेटे को सूर्यनेम से बिना जहाज के कभी किश्तियों में तो कभी टैक्सी के जरिये तकरीबन 24 विदेशों में घुमाया। जब बेटे ने विरोध किया तो मारपीट करते थे, इस तरह से बेटा 6 माह रास्तों में ही भटकता रहा। मैक्सिको पहुंचने पर बेटे के साथ मारपीट की व 9 माह तक बेटा कैंप में ही रहा। 28 अगस्त 2025 को अमेरिका से डिपोर्ट करके लौटा दिया।