अंबाला। ऑल वेदर स्वीमिंग पूल में करीब 75 लाख रुपये की लागत से लगे सोलर वाटर पैनल पिछले एक साल से धूल फांक रहे हैं। अधिकारियों की लापरवाही के कारण इन पैनल का कोई लाभ नहीं मिल पा रहा और हर माह खेल विभाग को लाखों रुपये के भारी भरकम बिजली बिल चुकाने पड़ रहे हैं। खेल विभाग की तरफ से पीडब्ल्यूडी की इलेक्ट्रिकल विंग को पैनल दुरुस्त करने के लिए पत्राचार करने की बात कही जा रही है।
तर्क दिया जा रहा है कि सोलर पैनल लगाने के बाद उसमें कोई भी फाल्ट आता है तो पीडब्ल्यूडी तीन साल तक उसे दुरुस्त करेगा। उधर, पीडब्ल्यूडी के अधिकारियों का तर्क है कि उनका स्टेडियम से इलेक्ट्रिकल विंग से जुड़ा कोई भी ऐसा टेंडर नहीं है जिसमें तीन साल तक मरम्मत का जिक्र हो। वो केवल एक साल तक का था।
बताया जा रहा है कि इन वाटर सोलन पैनल के लगाने का मकसद ऑल वेदर स्वीमिंग पूल में पानी को ठंडा और गर्म करने के लिए लगे बड़े-बड़े पंप को चलाने के लिए होता है। अगर यह पंप बिजली पर चलते हैं तो भारी भरकम बिजली का बिल आता है। पैनल पर चलने के कारण बिजली बिल का खर्च आधे से भी कम हो जाता है। दोनों विभागों के बीच आपसी तालमेल के अभाव के कारण विभाग को नुकसान झेलना पड़ रहा है।
वाटर सोलर पैनल के सर्कुलेशन में आ रही दिक्कत
बताया जाता है कि यह सोलर पैनल 2023 में ही खेल विभाग को सौंप दिए थे। उस समय केवल एक माह ही यह सोलर पैनल चले। बाद में पानी के सर्कुलेशन में दिक्कत आ गई थी। पानी गर्म ही नहीं होता था। आखिर में बिजली पर ही हिट पंप चलाने पड़े। इस बार मार्च में दोबारा चलाकर देखा तो वो बंद पड़े थे।
वर्जन
वार हीरोज स्टेडियम में इलेक्ट्रिकल विंग से जुड़े जो भी टेंडर है उसमें केवल एक साल तक ही मरम्मत का प्रावधान है। खेल विभाग को अपने स्तर पर ही उसे दुरुस्त करवाना होगा।
नवीन राठी, एक्सईएन, पीडब्ल्यूडी इलेक्टि्रकल विंग
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ऑल वेदर स्वीमिंग पूल की छत पर लगे पैनल अभी पूरी तरह से खेल विभाग को ही हैंडओवर नहीं हुए है। इसको चलने के लिए एक स्मार्ट मीटर की भी जरूरत होती है। पीडब्ल्यूडी से इसको दुरुस्त करवाने के लिए पत्राचार किया जा रहा है।
डॉ. प्रवीण, जिला खेल अधिकारी, अंबाला