सरकार ने अंबाला को स्मार्ट सिटी बनाने का सपना दिखाया था। मगर, अब इस सपने को पूरा करने से पहले सरकार ने कई शर्तें रख दी हैं।
इनहें म्यूनिसिपल कॉरपोरेशन अंबाला (एमसीए) को पूरा करना है। शर्तें पूरी होने और फिर अर्बन डेवलमेंट मिनिस्ट्री की संस्तुति के बाद ही अंबाला के स्मार्ट सिटी बनने का रास्ता मिलेगा।
स्मार्ट सिटी के इसी चैलेंज को पूरा करने के लिए एमसीए के अफसरों, मेयर, पार्षदों के साथ अंबाला के मंत्री विज और सांसद कटारिया की भी परीक्षा शुरू हो गई है। क्योंकि शर्तें पूरी करने की जिम्मेदारी, एमसीए की है, लेकिन इसके बाद अंबाला के लिए स्मार्ट सिटी का रास्ता साफ करने का दारोमदार मंत्री विज और सांसद कटारिया का होगा।
एक माह में एमसीए को देना है जवाब
दिल्ली 26 और 27 जून को मिनीस्ट्री ऑफ अर्बन डेवलपमेंट के सेमीनार में एमसीए के मेयर रमेशलाल मल और कमिश्नर कैप्टन शक्ति सिंह ने भाग लिया था। इसमें देश में बनाए जाने वाले 100 और हरियाणा में बनने वाले दो स्मार्ट सिटी के बारे में चर्चा हुई। हरियाणा में कौन-कौन से शहर स्मार्ट सिटी का दर्जा हासिल करेंगे, इसका निर्णय 13 शर्तों को पूरा करने के बाद ही होगा।
मिनिस्ट्री ऑफ अर्बन डेवलपमेंट ने 13 शर्तों का परफोर्मा इस सेमीनार में भाग लेने वाले सभी जिलों के प्रतिनिधियों को दिया है। इसे एमसीए को भी भरना है। इसके साथ ही एक महीने में सेल्फ असेसमेंट कर उसे मिनिस्ट्री ऑफ अर्बन डेवलपमेंट को भेजना है। फाइनल असेसमेंट मिनीस्ट्री ऑफ अर्बन डेवलपमेंट करेगी। उसके बाद ही किसी भी शहर के लिए स्मार्ट सिटी बनने का रास्ता साफ होगा।
-इन 13 पैमानों पर उतरना है खरा-
1. जनगणना 2011 के तहत अंबाला की जनसख्या कितनी है। यहां स्वच्छ भारत अभियान के तहत कितने परिवारों में शौचालय है।
2. एमसीए का ऑनलाइन समस्या निपटान सिस्टम का रिस्पांस क्या है। समस्या निपटान कितने समय में होती है।
3. क्या हर महीने एमसीए अपना न्यूज लेटर पब्लिक करता है।
4. पिछले दो साल की एमसीए की वित्तीय स्थिति क्या रही। उनका बजट क्या रहा और खर्च क्या रहा। इसका ब्योरा वेबसाइट पर होना चाहिए।
5. क्या एमसीए द्वारा पब्लिक की सर्विस डिलीवरी व्यवस्था में पेनेल्टी का प्रावधान है। वे क्या हैं।
6. वर्ष 2012 से 2015 तक एमसीए की रेवेन्यू क्या रहा, पूरा विस्तार से जानकारी।
7. एमसीए द्वारा जून तक अपने कर्मचारियों को सैलरी दे दी गई है। कोई बकाया तो नहीं। विस्तृत जानकारी।
8. वर्ष 2012 से लेकर वर्ष 2015 तक की एमसीए की ऑडिट रिपोर्ट।
9. एमसीए को टैक्स, फीस, यूजर चार्जिज, रेंट और अन्य स्त्रोतों से कितनी आय होती है और टारगेट कितना रहता है।
10. वाटर सप्लाई व्यवस्था पर मेंटेनेंस और स्थापना खर्च कितना रहता है।
11. एमसीए का इंटरनल रेवेन्यू स्रोत क्या-क्या हैं। इनसे कितनी आय होती है।
12. जेएनयूआरएम योजना के तहत क्या गतिविधियां रहीं और क्या टारगेट प्रात किए।
13. मार्च 2012 तक जेएनयूआरएम योजना के तहत क्या उपलब्धियां रहीं।
ऐसे होगी कैलकुलेशन
स्मार्ट सिटी का दर्जा पाने के लिए अंबाला को 13 शर्तों पर खरा उतरना है। हर शर्त के साथ 10 व 5 अंक निर्धारित किए गए हैं। कुल मिलाकर 100 अंक निर्धारित है।
एक माह के अंतर्गत एमसीए को यह तय करना है कि वे इन 13 शर्तों पर कितना खरा उतरता है। उसके बाद एमसीए हर शर्त पर तय अंक में से खुद को अंक देगा। इसे सेल्फ असेसमेंट कहा जाएगा। सेल्फ असेसमेंट के बाद मिनीस्ट्री ऑफ अर्बन डेवलपमेंट अपना काम करेगी।
पार्षदों और अफसरों को चाहिए एकजुटता
इसी मुद्दे को लेकर सोमवार शाम को एमसीए में मेयर रमेश लाल मल की अध्यक्षता में बैठक हुई। इसमें कमिश्नर कैप्टन शक्ति सिंह भी थे।
इसमें अबाला को स्मार्ट सिटी का दर्जा दिलवाने के लिए किए जाने वाले प्रयासों पर चर्चा की गई। बैठक में सीनियर डिप्टी मेयर दुर्गा सिंह अत्री, डिप्टी मेयर सुधीर जयसवाल, पार्षद पति राजन गुगलानी, पार्षद बेटे राजेश मेहता, पार्षद पति रिंकू पूनिया, पार्षद दलजीत सिंह भाटिया, पार्षद बिट्टू चावला, पार्षद जरनैल सिंह माजरा, पार्षद चित्रा सरवारा, पार्षद ललता प्रसाद, पार्षद सुरेंद्र बिंद्रा डब्बू, पार्षद जसविंद्र सिंह जस्सी भी उपस्थित रहे। बैठक में मेयर ने अपने पार्षदों और कमिश्नर ने अपने स्टाफ की ओर से पूरी तरह से मिलकर स्मार्ट सिटी के लिए काम करने का आश्वासन दिया।
अंबाला को स्मार्ट सिटी का दर्जा कैसे दिलवाना है। उसके लिए सभी को मिलकर प्रयास करना होगा। वक्त कम है, मगर एमसीए स्टाफ और पार्षद मिलकर काम करेंगे। पूरी कोशिश है कि हम सभी 13 शर्तों पर खरा उतरें।
-कैप्टन शक्ति सिंह, कमिश्नर, एमसीए-
सिर्फ अफसरों की ही नहीं, बल्कि जनप्रतिनिधियों की भी जिम्मेदारी रहेगी कि वे स्मार्ट सिटी का दर्जा दिलवाने के लिए भूमिका निभाएं। 13 शर्तों में कई ऐसे काम है, जिसे अफसरों और जनप्रतिनिधियों को मिलकर करना है। तभी मिनिस्ट्री में स्मार्ट सिटी के लिए अंबाला का दावा मजबूत रहेगा।
-रमेश लाल मल, मेयर, एमसीए-