अंबाला। आठ माह पहले रुणिचा एक्सप्रेस से चोरी हुए 35 तोले सोने के मामले की गुत्थी सुलझ गई है। अंबाला जीआरपी की टीम ने चोरी के मामले में छह व्यक्तियों को काबू किया है जो सांसी गिरोह से संबंधित हैं। इनमें अधिकांश लोग हांसी व जींद के हैं और उन पर पहले भी चोरी के कई मामले दर्ज हैं। वहीं आरोपियों से अब सोने की वसूली के लिए भी कार्रवाई शुरू होगी।
ये मामला हाई-प्रोफाइल है, हालांकि अभी तक इसकी जानकारी साझा नहीं की गई है। एसपी रेलवे नीतिका गहलोत इस मामले को खुद देख रही हैं। इसलिए उन्होंने गुरुग्राम जीआरपी टीम की जगह अंबाला की तेजतर्रार टीम को आरोपियों को पकड़ने की जिम्मेदारी सौंपी ताकि लगभग आठ माह से लंबित पड़े मामले की जांच तेज हो सके और अपराधी सलाखों के पीछे पहुंच जाएं।
इस कार्य में साइबर विशेषज्ञों की भी मदद ली गई ताकि आरोपियों तक पहुंचा जा सके। एसपी के निर्देश मिलते ही जीआरपी ने मुखबिरों का जाल फैला दिया था। उनका शक सांसी गिरोह पर ही था। इसलिए उनके ठिकानों पर मुखबिरों को तैनात कर दिया गया।
जैसे ही शक की सुई विश्वास में बदली तो जीआरपी ने चोरी में शामिल कुछ लोगों को काबू कर लिया। जल्द ही इस मामले में अन्य आरोपियों की गिरफ्तारी भी होगी। अंबाला जीआरपी टीम में तैनात कर्मचारियों ने पहले भी ट्रेनों में चोरी हुए कई मामलों को सुलझाया है। इन मामलों में भी सांसी गिरोह की संलिप्तता पाई गई थी। आरोपियों से सोने की रिकवरी भी की गई थी।
स्टील बॉक्स में ये था सामान : स्टील बाॅक्स में 35 तोला सोने के आभूषण थे। इसमें 10 तोले का एक बड़ा रानी का हार, तीन तोले के 2 एक गले का सैट, 5.5 तोले के तीन हीरे के सैट, , पांच तोले की 4 मोटे कड़े, तीन तोले की पांच चूड़ियां, 3.5 तोले की 4 बड़ी अंगूठी, इसमें एक सोने की व तीन हीरे की, तीन तोले के दो सोने के नग शीशफुल,दो तोले के दो नग रखड़ी, छोटी मोतियों की माला, तीन ग्राम के तीन सोने के रिंग थे। संवाद