अंबाला। भ्रष्टाचार के आरोप में निलंबित किए गए जीआरपी कर्मचारियों से जुड़े मामले की जांच अब एसआईटी करेगी। एसपी रेलवे नितिका गहलोत ने मामले की जांच के लिए डीएसपी स्तर के अधिकारी की निगरानी में टीम का गठन किया है जोकि प्रत्येक पहलू को खंगालेगी ताकि निलंबित कर्मचारियों के खिलाफ आगामी कार्रवाई की जा सके। वहीं यह भी सामने आया है कि मामले को लेकर एसपी रेलवे ने खुद भी पकड़े गए आरोपियों से लगभग 45 मिनट तक पूछताछ की है जोकि निलंबित कर्मचारियों की सांसी गिरोह से संलिप्तता का खुलासा करती है।
13 से 14 लाख का लेनदेन
सांसी गिरोह के सदस्यों से प्राथमिक पूछताछ में यह भी सामने आया है कि निलंबित कर्मचारियों के साथ उन्होंने 13-14 लाख रुपये का लेनदेन किया है, हालांकि अभी यह जांच का विषय है। ऐसे में अगर निलंबित कर्मचारियों पर दोष साबित होते हैं तो उनके खिलाफ भी विभागीय कार्रवाई होना निश्चित है। ऐसे में उन्हें गिरफ्तार करके नौकरी से निष्कासित भी किया जा सकता है।
यह था मामला
ट्रेनों में लगातार चोरियां बढ़ रही थी। गुरुग्राम सहित एक अन्य मामले में जब एसपी रेलवे ने विशेष टीम का गठन किया तो टीम ने दोनों मामलों को सुलझा लिया। इस दौरान पकड़े गए सांसी गिरोह के सदस्यों ने जो जानकारी जांच टीम को दी तो उसे सुनकर उनके पैरों के नीचे से जमीन खिसक गई। गिरोह के सदस्य ने बताया कि ट्रेनों में चोरी का खेल जीआरपी के सहयोग से चलता था और इसके लिए वह उप निरीक्षक विलायती सैनी सहित सिपाही अमित को रुपये देते थे ताकि वह पकड़ में न आएं। यह जानकारी जब एसपी रेलवे तक पहुंची और उन्होंने खुद ही इस मामले की जांच की और उक्त दोनों कर्मचारियों की सांसी गिरोह के साथ संलिप्तता पाई गई, इसके बाद उन्हें तुरंत प्रभाव से शुक्रवार शाम को निलंबित कर दिया गया था। विलायती सैनी मौजूदा समय में कुरुक्षेत्र में जीआरपी प्रभारी के तौर पर तैनात थे, वहीं सिपाही अमित अंबाला सिटी चौकी में कार्यरत था।