कीर्ति अपने भाई गौतम के साथ। संवाद
- फोटो : स्वयं
अंबाला। भाई बहन की जोड़ी जिम्नास्टिक में कमाल कर रही है। कीर्ति की राष्ट्रीय स्तर पर भागीदारी है तो वहीं गौतम ने राज्य स्तर पर कई पदक अपने नाम किए हैं। दोनों बहन भाई अंबाला छावनी के वार हीरो स्टेडियम में अत्याधुनिक उपकरण पर अभ्यास कर रहे हैं।
इसके साथ ही दोनों जिम्नास्टिक कोच सतपाल और परमजीत से जिम्नास्टिक की बारीकियां सीख रहे हैं। कीर्ति ने बताया कि वह रोहतक के मदीना गांव की निवासी है। उसके पिता सतीश कुमार किसान हैं।
वह पिछले चार साल से अंबाला छावनी में अपने भाई गौतम और दादी के साथ रह रही हैं। वह दोनों भाई बहन पढ़ाई के साथ साथ जिमनास्टिक सीख रहे हैं। जब वह रोहतक में छठी कक्षा में थी तक उसके पापा उसे जिम्नास्टिक सिखाने के लिए लेकर गए थे। तब से वह जिम्नास्टिक कर रही हैं। जिम्नास्टिक के दौरान उन्हें पता चला कि अंबाला में जिम्नास्टि के अत्याधुनिक उपकरण है। इसके बाद उसके पिता ने दोनों बहन भाई को अंबाला छावनी के वार हीरो स्टेडियम में डाल दिया।
अब वह फारूखा खालसा स्कूल में 10वीं कक्षा में है। कीर्ति ने चार साल से लगातार स्कूल स्टेट में चार स्वर्ण पदक जीते। इसके साथ ही उसके पास कुल 12 पदक हैं। जिसमें पांच स्वर्ण, चार रजत और तीन कांस्य पदक शामिल है। वह कोलकाता, सूरत और दिल्ली में आयोजित नेशनल चैंपियनशिप खेल चुकी है। जिसमें उसकी भागीदारी रही है। वह आर्टिस्टिक जिमनास्टिक में माहिर है।
स्टेट में जीते पांच पदक
गौतम ने बताया कि वह 13 साल का है और छावनी के फारूका खालसा सीनियर सेकेंडरी स्कूल में आठवीं कक्षा में है। वह अपनी बहन कीर्ति को देखकर जिम्नास्टिक में आया और तब से जिम्नास्टिक कर रहा है। उसे तीन साल हो गए हैं जिम्नास्टिक करते हुए। उसने राज्यस्तर पर पांच पदक प्राप्त किए हैं। जिसमें एक स्वर्ण, दो रजत और दो कांस्य पदक शामिल है।