महिलाओं को जागरूक करती सिमरदीप कौर, स्वयं
- आंगनवाड़ी वर्करों और अभिभावकों को कर रहीं जागरूक
संवाद न्यूज एजेंसी
अंबाला। बच्चों के शुरुआती छह साल उनके मानसिक और शारीरिक विकास के लिए सबसे महत्वपूर्ण होते हैं। रोकेट लर्निंग संस्था की जिला को-आर्डिनेटर सिमरनदीप कौर अंबाला में ढाई वर्षों से बाल्यावस्था देखभाल और शिक्षा के माध्यम से तीन से छह साल तक के बच्चों के भविष्य को बेहतर बनाने के जुटी हैं। वह आंगनबाड़ियों को प्रशिक्षण देती हैं ताकि वह ग्रामीण क्षेत्र में ऐसे बच्चों की मदद की जा सके। इसके साथ ही अभिभावकों को भी बीमारियों के लक्ष्ण बताती हैं।
सिमरनदीप कौर बताती हैं कि वर्तमान में 21 तरह की दिव्यांगताओं को लेकर आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं को ट्रेनिंग दी जा रही है। अक्सर छह साल से कम उम्र के बच्चों में दिव्यांगता की पहचान नहीं हो पाती है। वर्करों को सिखाया जाता है कि यदि सेंटर पर कोई विशेष बच्चा आए तो उसकी स्क्रीनिंग कैसे करनी है। अंबाला जिले में लगभग पांच हजार अभिभावक सीधे तौर पर जुड़े हुए हैं।
एक हजार वर्करों को दे चुकीं प्रशिक्षण
सिमरनदीप कौर बताया कि वह अंबाला में जिला कोआर्डिनेटर के तौर पर अब तक लगभग एक हजार आंगनवाड़ी वर्करों को प्रशिक्षित कर चुकी हैं। कई वर्कर तकनीक और स्मार्टफोन के उपयोग में सहज नहीं हैं, इसलिए वह डिजिटल साक्षरता की ट्रेनिंग भी देती हैं। इसके साथ ही, वर्करों को यह सिखाया जाता है कि वे अभिभावकों को घर पर बच्चों के साथ की जाने वाली शैक्षणिक गतिविधियों के लिए कैसे प्रेरित करें।