ट्रेन यात्रियों के लिए छावनी रेलवे स्टेशन पर क्वालिटी फूड की सुविधा उपलब्ध कराने के लिए तैयार किया गया ‘फूड प्लाजा’ का प्रोजेक्ट फाइलों में ही सिमट कर रह गया है।
अंबाला रेल मंडल ने इस प्रोजेक्ट को रेलवे मंत्रालय के पास भेज दिया है। मगर वहां से अब तक इस प्रोेजेक्ट की सेक्शन ही नहीं आई है। इस वजह से यह योजना बीते दो सालों से लटकी हुई है।
साइट फाइनल, सिर्फ हरी झंडी का इंतजार
छावनी जंक्शन उत्तर भारत के महत्वपूर्ण रेलवे स्टेशनों में से एक है। इस स्टेशन से रोज लगभग 21 हजार से अधिक लोग ट्रेन पकड़ते हैं और उतरते हैं। आसपास के दूसरे बड़े शहरों के भी यात्री यहां आकर ट्रेन पकड़ते हैं। इस दौरान उन्हें सबसे ज्यादा समस्या बढ़िया खाने की आती है।
हालांकि एक भोजनालय और रेहड़ियां मौजूद हैं। मगर सभी यात्री वहां नहीं जाते। इसलिए रेलवे ने यहां एक फूड प्लाजा खोलने की योजना बनाई थी। इस फूड प्लाजा का स्टेशन परिसर में मुख्य गेट के सामने रेस्ट हाउस के साथ बनाया जाना है। साइट फाइनल हो चुकी है और अन्य औपचारिकताएं भी पूरी हो गई है।
अब सिर्फ मंत्रालय से हरी झंडी मिलने का इंतजार है। फूड प्लाजा बनने से यात्रियाें को यहां पूरी तरह सफाई और गुणवत्ता युक्त सस्ता भोजन मिलेगा।
यहां अटक रही बात
इस महत्वाकांक्षी प्रोजेक्ट के लिए अब तक बजट अॅलाट ही नहीं हुआ है। अंबाला रेल मंडल से बजट की उपलब्धता के लिए कई बार रेलवे हाईकमान को लिखा भी गया है। अंबाला रेल मंडल के पास इतने फंड नहीं है कि वे खुद अपने स्तर पर फूड प्लाजा तैयार करवा सके।