अंबाला। रेलवे संपत्ति की चोरी करने वाले शातिर सिकंदर की गिरफ्तारी आरपीएफ के गले की फांस बन गई है। जब आरपीएफ कर्मचारी की लापरवाही से आरोपी आरपीएफ पोस्ट की हवालात से फरार हो गया। घटना शनिवार रात लगभग एक बजे की है।
टीम का गठन कर आरोपी की गिरफ्तारी के लिए छापामारी शुरू की। छह घंटे की मशक्कत के बाद आरोपी रविवार सुबह सात बजे दोबारा गिरफ्तार कर लिया, लेकिन शाम तक इस मामले की गाज आरपीएफ पोस्ट के इंस्पेक्टर जावेद खान और एसआई बिजेंद्र सिंह पर गिर गई। ये आरोपी को पकड़ कर लाए थे। आरपीएफ के आईजी के निर्देशों पर निलंबन की कार्रवाई हुई।
इस मामले में अंबाला रेल मंडल के वरिष्ठ सुरक्षा आयुक्त की अध्यक्षता में जांच होगी और इंस्पेक्टर, एसआई और आरपीएफ कर्मचारी से पूछताछ की जाएगी और रोजनामचे में दर्ज लेख का भी मिलान किया जाएगा।
ऐसे चकमा देकर भागा आरोपी
सात अक्तूबर को आरपीएफ की एसआई कविता और अन्य जांच कर रहे थे। इस दौरान मुखबिर की सूचना पर इंस्पेक्टर की अध्यक्षता में गठित टीम ने आरोपी सिकंदर को पकड़ा तो उसके कब्जे से रेलवे सिग्नल में इस्तेमाल होने वाली लाल रंग के तार के चार टुकड़े और काले रंग के पांच टुकड़े बरामद हुए। आरोपी को रात आरपीएफ पोस्ट पर लाकर रेलवे एक्ट के तहत मामला दर्ज किया गया। इस मामले की आगामी जांच एसआई बिजेंद्र सिंह को सौंपी गई थी। इस दौरान हवालात में रोजनामचा लेखक व थाना संतरी की ड्यूटी पर तैनात महिला सिपाही राजगीरी मीना तैनात थी और उसकी निगरानी में ही आरोपी को हवालात में बंद किया।
रात 12 बजे ड्यूटी खत्म होने के बाद कांस्टेबल अमित कुमार ने बतौर रोजनामचा लेखक और थाना संतरी ड्यूटी के तहत कार्यभार संभाला और आरोपी के संबंध में भी जानकारी ली जोकि पोस्ट के अंदर हवालात में बंद था। देररात एक बजे आरोपी ने बताया कि उसे बीड़ी के तलब है, लेकिन कांस्टेबल अमित ने अधिकारी को जानकारी दिए बिना आरोपी को चाय देने के लिए हवालात का दरवाजा खोल दिया।