अंबाला। बोह में श्री मद भागवत कथा के दूसरे दिन शुक्रवार को कथा व्यास प्रेम सागर पथिक ने संत कृपा के महत्व को बताया। उन्होंने कहा कि जीव को परमात्मा की कृपा से संत मिलते हैं। संत कृपा से ही भगवंत मिलते हैं। उन्होंने कहा कि जिसकी कोई भी बात रद न हो, वो ही नारद है। नारद जी के परम गुरू हैं जो जीव को परमात्मा से मिलने का मार्ग दिखाते हैं। श्रीमद्भागवत कथा जीव के पापों का नाश करती है। पथिक ने कहा कि अपने मन को भगवान के भजन में लगाओ, अगर ये इधर उधर भागे तो इसे खींच कर भजन की याद दिलाओ। इस दौरान समिति के सदस्य अनिल मेहता, किरण मेहता, सुरेश चंद मेहता आदि उपस्थित रहे।