संवाद न्यूज एजेंसी
अंबाला। रानी बाग में 37 साल पहले 20 मई 1989 को श्री दुर्गा मंदिर की स्थापना हुई। यह मंदिर आज भी लोगों की आस्था का केंद्र बना है। मंदिर में मां दुर्गा की मूर्ति के साथ भैरव बाबा भी स्थापित किए गए हैं। मंदिर में राधा कृष्ण, लक्ष्मी नारायण, राम दरबार, काली माता, सिंदूरी हनुमान, शीतला माता, भैरव बाबा व शिवलिंग भी स्थापित हैं। चैत्र व अश्विन के नवरात्र में मंदिर में रोजाना महिला संकीर्तन मंडली दुर्गा स्तुति का पाठ व संकीर्तन करती है। यह समिति सामाजिक कार्याें में भी योगदान कर रही है। इसमें पढ़ने वाले बच्चों, गरीब परिवार की मदद, जरूरतमंदों की सहायता व गरीब कन्याओं की शादी में सहयोग करती है।
मंदिर के प्रधान अशोक गोयल ने बताया कि सभी अपनी इच्छाशक्ति अनुसार प्रत्येक कार्य में समर्पित हैं। इसमें मंदिर उपप्रधान ललित पुरी, सचिव सेवा सिंह चौधरी, उप सचिव विकास सिंगला, सदस्य अजय ग्रोवर, निकेश गुप्ता, विजय भोला और देसराज मनुजा सराहनीय कार्य कर रहे हैं।
2021 में हुआ था जीर्णोद्धार
कोषाध्यक्ष दीपक अग्रवाल ने बताया कि 11 जुलाई 2021 को मंदिर कमेटी की तरफ से मंदिर का दोबारा जीर्णोद्धार करवाया गया था। इस दौरान मंदिर में संतोषी माता, सरस्वती माता के साथ खाटू श्याम, भैरव बाबा व नए नर्मदेश्वर शिवलिंग की स्थापना करवाई गई। यह कार्य उस समय के कमेटी प्रधान सोहनलाल सिंगला, सचिव एनके खन्ना, उपसचिव देस राज, उपप्रधान सुखदेव, खजांची सुरेश शर्मा आदि के सहयोग से करवाया गया था।
वार्षिकोत्सव पर होता है भंडारा
मंदिर पदाधिकारी मधु शील अरोड़ा व गौतम धीमान ने बताया वार्षिकोत्सव पर हर साल 20 मई को मां भगवती का जागरण होता है। 21 मई को भंडारा लगाया जाता है। हर मास शुक्ल पक्ष की द्वादशी को द्वादशी मंडल की तरफ से खाटू श्याम का संकीर्तन किया जाता है। कृष्ण जन्माष्टमी, दिवाली, अन्नकूट व शिवरात्रि धूमधाम से मनाई जाती है। सावन में शिव पुराण, भादो में गणेश पुराण व कार्तिक में कार्तिक महात्म्य की कथा व प्रभातफेरी निकालने की परंपरा है। हर शनिवार को सुंदरकांड का पाठ भी किया जाता है। दुर्गा मंदिर व धर्मशाला समिति के सदस्य 1989 से सेवा कर रहे हैं। श्री दुर्गा नगर मंदिर समिति आज समाज के लिए मिसाल बन चुकी है।