अंबाला सिटी। जिले में कई राजकीय प्राथमिक पाठशाला में शिक्षकों के पद खाली पड़े हैं। इन पद को काफी समय से विभाग की ओर से भरा नहीं गया। विभाग की ओर से इन खाली जगहों पर शिक्षक दूसरे स्कूलों से समायोजित तो किए गए, मगर निदेशालय की ओर से नई भर्ती और तबादला प्रक्रिया से अभी तक पद को भरा नहीं गया है। ऐसे में विद्यार्थियों की पढ़ाई खराब हो रही है। शिक्षकों की कमी का असर आने वाली दाखिला प्रक्रिया पर भी देखने को मिल सकता हैं।
अंबाला में 71 के करीब ऐसे राजकीय प्राथमिक स्कूल थे, जहां एक भी शिक्षक अंतर जिला तबादला प्रक्रिया के बाद नहीं बचा था। बाहरी जिलों के शिक्षक का तबादला होने के बाद अंबाला में काफी पद खाली हो गए। उसके बाद इन पद को भरा नहीं किया। जिले में 468 के करीब राजकीय प्राथमिक स्कूल हैं। ग्रामीण क्षेत्र में शिक्षकों की कमी ज्यादा हैं।
एमआईएस पोर्टल पर रेशनेलाइजेशन सूची की थी जारी, कई खामियां
वहीं, बीते दिनों शिक्षा विभाग ने एमआईएस पोर्टल पर विद्यार्थियों की संख्या के हिसाब से स्कूलों में शिक्षकों के स्वीकृत पद की सूची जारी की थी। इस सूची में खामियां थी। विभाग की ओर से जिस स्कूल में विद्यार्थियों की संख्या कम है, वहां स्वीकृत पद की संख्या ज्यादा और जहां विद्यार्थियों की संख्या ज्यादा हैं, वहां स्वीकृत पद की संख्या कम दिखा दी थी। जिले में ऐसे कई विद्यालय हैं, जिन स्कूलों का ऐसा आंकड़ा पोर्टल पर दिखाया जा रहा था। राजकीय प्राथमिक शिक्षक संघ के प्रदेश प्रवक्ता अमित छाबड़ा व राज्य महासचिव राजेश शर्मा ने बताया कि इसको लेकर संघ पदाधिकारी निदेशक व शिक्षा मंत्री से मिलेंगे और सूची को संशोधित करने के लिए ज्ञापन सौंपा जाएगा।
वर्जन
जिन प्राथमिक स्कूलों में अंतर जिला तबादला प्रक्रिया के बाद बीते वर्ष शिक्षकों की कमी हो गई थी, उन स्कूलों में विभाग की ओर से शिक्षक समायोजित किए गए थे ताकि विद्यार्थियों की पढ़ाई खराब न हो। खाली पद को लेकर निदेशालय को भी अवगत करवाया गया है।
सुधीर कालड़ा, जिला मौलिक शिक्षा अधिकारी, अंबाला।