अंबाला सिटी। शहर बस स्टैंड के सामने बनी सुपर आदर्श होलसेल कपड़ा मार्केट के 104 दुकानदार हरियाणा सरकार की ओर से दी स्वामित्व योजना का लाभ लेने के इंतजार में बैठे हैं।
एक अरसे से नगर निगम की ओर से उन पर लगाया एरियर और उसका ब्याज दुकानदारों पर बोझ बनकर बैठा है। इससे वे न तो दुकानों को अपने नाम करा सकते और न ही स्वामित्व योजना का लाभ ले पा रहें है। बीते वीरवार को पंचायत भवन में हुई कष्ट निवारण समिति में सदस्य राम रत्न गर्ग ने इस मार्केट के दुकानदारों के लिए सहकारिता मंत्री डॉ बनवारी लाल से इस मामले में उचित कार्रवाई की गुहार लगाई थी।
इसके बाद सहकारिता मंंत्री ने एडीसी अपराजिता को जांच के आदेश दिए थे। शुक्रवार को राम रत्न गर्ग और मार्केट के प्रधान सुखविंद्र सिंह शंटी एडीसी से मिले थे। जिसके बाद एडीसी अपराजिता ने इस मामले को कष्ट निवारण समिति के समक्ष भेजने का आश्वासन दिया है। कष्ट निवारण समिति की अगली बैठक में इस मामले पर निर्णय लिया जाएगा।
10 से 15 लाख तक का बकाया दिखाया
सुपर आदर्श होलसेल कपड़ा मार्केट के प्रधान सुखविंद्र सिंह शंटी ने बताया कि यहां पर कुल तीन मार्केट हैं। इसमें दुर्गा मार्केट में 40 दुकानें, आदर्श मार्केट में 40 और सुपर मार्केट में 24 के करीब दुकानें है। यहां के दुकानदार पिछले 20 वर्षों से किराया दे रहे हैं। इसके बाद भी उन्हें स्वामित्व योजना का लाभ नहीं मिला। उन्होंने बताया कि निगम के नियम 374 के अनुसार नोटिस जारी होने के तीन साल के बाद का एरियर निगम नहीं ले सकता है, लेकिन इसके बाद भी निगम ने दुकानदारों को 10 से 15 लाख रुपए के एरियर के नोटिस जारी कर दिए। लेकिन इतना भारी एरियर दुकानदारों के चुकाना बहुत कठिन है। इसी के चलते उन्होंने कोर्ट में केस दर्ज करवा रखा है। जिस पर फैसला आना बाकी है। उन्होंने कहा कि एडीसी की ओर से इस मामले को कष्ट निवारण समिति को भेजा गया है। जिस पर सहकारिता मंत्री डॉ बनवारी लाल के निर्णय पर उम्मीद बनी हुई है।
असल एरियर देने को तैयार
आदर्श मार्केट के दुकानदार व एसो के सदस्य राजेंद्र कुमार ने बताया कि सभी दुकानदार निगम को असल किराये का एरियर देने को तैयार है। लेकिन एरियर पर लगे ब्याज का भुगतान दुकानदार नहीं कर सकते। उन्होंने कहा कि पहले से ही दुकानदार कोरोना की मार झेल रहे है। ऐसे में अब वे लाखों का एरियर का कैसे भुगतान करेंगे।
स्वामित्व योजना का नहीं मिल रहा लाभ
एसोसिएशन के उपप्रधान शैंकी बवेजा ने बताया कि एरियर के लाखों रुपए के बोझ से दुकानदार स्वामित्व योजना का लाभ नहीं ले पा रहे है। यदि वे दुकानदारों को इसमें छूट दी जाए तो वे दुकानों की रजिस्ट्री करवाएंगे जिससे सरकार को भी करोड़ों का टैक्स मिलेगा। वे इस मामले को लेकर विधायक, मंत्रियों व नगर निगम उपायुक्त से भी मिल चुके है लेकिन अभी तक उनकी समस्या का कोई हल नहीं हुआ है।
कई नोटिस मिल चुके
दुकानदार रंजीत सिंह ने बताया कि आठ से 10 दुकानदारों पर 12 से 15 लाख तक का एरियर दिखाया है। जिसे वसूलने के लिए उन्हें नगर निगम की ओर से कई नोटिस भी आ चुके है। लेकिन वे इतना अधिक एरियर का भुगतान नहीं कर सकते है। एरियर भुगतान के बिना उन्हें दुकान का मालिकाना हक नहीं मिलेगा। जिसके चलते वे सरकार की स्वामित्व योजना से वंछित रह जाएंगे।
आदर्श मार्किट की फोटो
आदर्श मार्किट की फोटो
आदर्श मार्किट की फोटो
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