अंबाला सिटी। सावन मास में भगवान शिव का जाप और कथा का श्रवण करने से भक्तों के दुखों का निवारण हो जाता है। भगवान की भक्ति करने के लिए अंर्तात्मा की शुद्धि होती है। भगवान शिव अपने वरदान से इस सृष्टि के कई जीवों को मुक्ति देते हैं।
शिव ने लंकापति रावण को भी विशेष वरदान दिए थे। रावण भगवान शिव से वरदान पाने के लिए कई-कई महीनों तक जप-तप किया करते थे। उपरोक्त शब्द सेक्टर-7 स्थित श्री नीलकंठ महादेव मंदिर में चल रहे सवा करोड़ ओम नम: शिवाय मंत्र जाप के कार्यक्रम के दौरान कथा व्यास पंडित भगवती प्रसाद पुरोहित ने कहे। इस दौरान पंडित धर्मेद्र गौड़ और त्रिलोचन नौटियाल ने मंत्रोच्चारण किया।