बेघर लोगों को आसरा देने के लिए तैयार किया गया प्रशासन का शेल्टर होम प्रोजेक्ट कागजों में ही उलझकर रह गया है। रेडक्रास ने इस प्रोजेक्ट की शुरुआत की थी, लेकिन अब यह कागजों से ही बाहर नहीं निकल पा रहा है।
यह है प्रोजेक्ट : रेडक्रास के तहत अंबाला कैंट के हाथीखाना कैलाश मंदिर के नजदीक एक शेल्टर होम है। बताया जाता है कि जिले भर में मात्र एक ही शेल्टर होम है, जहां पर बेघरों को आसरा दिया जाता है। जिला रेडक्रास सोसाइटी ने कुछ साल पहले अंबाला सिटी में दो जगहों को शेल्टर होम के लिए फाइनल किया था, लेकिन इसमें से हिसार रोड पर दुर्गा नगर (धर्मकांटा) के नजदीक जगह को चुना गया। इसके बाद लगा कि सिटी में एक शेल्टर होम तैयार हो जाएगा, जिसके बाद बेघरों को यहां पर आसरा मिल सकेगा लेकिन यह मामला लगातार लटकता चला गया।
यह कहते हैं लोग
कैंट के कुमार प्रशांत, धीरज जैन, जितेंद्र गुप्ता, अमित बवेजा, सिटी निवासी अमित, दिनेश भठेजा, गौरव वालिया, तुषार शर्मा का कहना है कि अदालत के निर्देश हैं कि सर्दी, बरसात के कारण किसी बेघर की मौत नहीं होनी चाहिए। उसे शेल्टर होम में आसरा दिया जाए लेकिन सरकारी योजनाएं तो बनती हैं, लेकिन उनको तय समय में पूरा नहीं किया जाता। अच्छा हो यदि ये योजनाएं तय समय में पूरी हों, ताकि इसका लाभ मिल सके।