केंद्रीय सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता मंत्री और अंबाला की सांसद कुमारी सैलजा चाहती है कि अंबाला रेल मंडल का विस्तार किया जाए।
हरियाणा के एक बड़े हिस्से को अंबाला रेलमंडल में शामिल किया जाए, ताकि प्रदेश के विभिन्न जिलों को बढ़िया सुविधा प्राप्त हो सके। इसके लिए केंद्रीय मंत्री सैलजा ने बाकायदा एक प्रस्ताव रेल मंत्री को भेजा है।
अंबाला रेल मंडल बहुत बड़ा रेलवे मंडल है। इसका मुख्यालय तो यहां अंबाला छावनी (हरियाणा) में पड़ता है, मगर इस मंडल का हरियाणा में हिस्सा बहुत ही कम है। इस वक्त अंबाला रेल मंडल में चंडीगढ़, पंजाब का हिमाचल का बहुत बड़ा हिस्सा समेत यूपी और राजस्थान का भी हिस्सा शामिल है।
मगर हरियाणा की बात करें तो एक ओर से यमुनानगर और दूसरी ओर केवल मोहड़ी तक ही अंबाला रेल मंडल से शामिल है। मोहड़ी से आगे शाहाबाद मारकंडा, कुरुक्षेत्र और उसके बाद का सारा हरियाणा अंबाला मंडल से अलग है। हरियाणा का अधिकांश हिस्सा दिल्ली रेल मंडल व बीकानेर रेल मंडल में शामिल हैं।
अब यदि कुरुक्षेत्र, करनाल, कैथल इत्यादि स्टेशनों पर कुछ होता है, तो इसकी जवाबदेही दिल्ली मंडल की होती है। जबकि यात्रियों, कर्मचारियों व आम लोगों को रेलवे से कोई शिकायत या काम हो तो उन्हें दिल्ली जाना पड़ता है।
लोगों की इसी परेशानियाें के मद्देनजर कुमारी सैलजा ने रेल मंत्री को पत्र लिखकर हरियाणा के अधिकतर हिस्से को अंबाला रेल मंडल के दायरे में लाने की मांग उठाई है।
मंत्री के अनुसार प्रस्ताव रेल मंत्री के पास विचाराधीन है। वह चाहती है कि हरियाणा के कई प्रमुख स्टेशन अंबाला रेल मंडल के दायरे में आएं। उनके अनुसार रेलमंत्री ने आश्वासन दिया है कि इस प्रस्ताव पर विचार किया जाएगा।