- स्वतंत्रता दिवस पर हांसी में आयोजित कार्यक्रम में सीएम के हाथों मिला था सम्मान
माई सिटी रिपोर्टर
अंबाला। प्रदेशभर के मॉडल संस्कृति स्कूलों में सबसे श्रेष्ठ आने वाले अंबाला के शहजादपुर ब्लॉक के गवर्नमेंट मॉडल संस्कृति सीनियर सेकेंडरी स्कूल के चयन पर सवाल उठे हैं। यह वही स्कूल है जिसे इस बार स्वतंत्रता दिवस पर हांसी में आयोजित राज्य स्तरीय कार्यक्रम में सीएम नायब सिंह सैनी के हाथों सम्मान मिला।
इस दौड़ में दो स्कूल और थे, जोकि दूसरे और तीसरे स्थान पर आए थे। सम्मान प्राप्त करने के बाद अब विवाद यह है कि इस स्कूल को जून में बोर्ड परीक्षाओं में खराब परिणाम आने पर जिला शिक्षाधिकारी की तरफ से असंतोष पत्र थमाया गया था।
कार्यक्रम में सम्मानित स्कूल
15 अगस्त को हांसी में स्वतंत्रता दिवस पर राज्य स्तरीय कार्यक्रम आयोजित हुआ था। सम्मान पाने वालों की सूची में प्रदेश के तीन श्रेष्ठ पीएम श्री स्कूल तो तीन मॉडल संस्कृति स्कूलों का भी नाम चयनित किया था। पीएम श्री स्कूलों में हिसार के गंगवा गांव का स्कूल, गुरुग्राम का चक्करपुर का स्कूल, रेवाड़ी का पहलावास स्कूल तीसरे स्थान पर आया था। वहीं मॉडल संस्कृति स्कूलों में अंबाला के शहजादपुर का मॉडल संस्कृति स्कूल पहले स्थान पर, दूसरे पर कुरुक्षेत्र के बबैन का स्कूल तो तीसरे स्थान पर हांसी का सरकारी स्कूल था। अंबाला से जिला शिक्षाधिकारी और स्कूल प्रिंसिपल ने सम्मान को ग्रहण किया था।
स्कूलों के चयन का आधार
पीएम श्री या मॉडल संस्कृति स्कूल सरकार की सबसे प्रमुख और महत्वाकांक्षी परियोजनाओं में से एक है। यही कारण है कि हरियाणा स्कूल शिक्षा परियोजना परिषद ने स्कूलों के चयन को लेकर कठोर मानक बनाए थे। इस प्रतिस्पर्धा में ऐसे स्कूलों का चयन होना था, जिनमें शैक्षिक स्तर काफी उम्दा है। इसके अलावा सांस्कृतिक, खेल, स्कूल का परिसर आदि में सबसे अव्वल स्कूलों का ही चयन होना था।
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विवाद की शुरुआत
10वीं के 23 और 12वीं के 27 स्कूलों का अंबाला में परीक्षा परिणाम खराब रहा था। इन स्कूलों को जून में जिला शिक्षाधिकारी ने असंतोष पत्र लिख एक्शन प्लान मांगा था। डीईओ ने कहा था कि यदि भविष्य में आयोजित होने वाले शैक्षणिक परिणामों में सुधार नहीं दिखता है, तो संबंधित अध्यापकों एवं विद्यालय प्रमुखों के विरुद्ध विभागीय नियमों के तहत कड़ी प्रशासनिक कार्रवाई की जाएगी। जिन स्कूलों को यह पत्र लिखा गया था उनमें शहजादपुर का पुरस्कार प्राप्त करने वाला स्कूल भी शामिल था।
इस चयन को लेकर कई प्रक्रियाएं थीं। इसमें सबसे पहले प्रत्येक जिले के एडीसी को जांच कर अपनी रिकमंडेशन उस मंडल के आयुक्त को भेजनी थी। इसके बाद मंडलायुक्त अपने जिलों से संबंधित रिकमंडेशन को परिषद के पास भेजते। इस चयन में हमने 400 अंक तय किए थे। जिसमें परीक्षा परिणाम को प्राथमिकता नहीं दी गई थी। इसमें ग्रीन स्कूल, वहां का परिसर व अन्य कई पैरामीटर थे। उन्हीं के अनुसार इस स्कूल का चयन किया गया।
-स्वपनिल पाटिल, राज्य परियोजना निदेशक, हरियाणा स्कूल शिक्षा परियोजना परिषद
हमारा परीक्षा परिणाम अच्छा रहा था। हमें कोई असंतोष पत्र नहीं मिला। हमारे स्कूल से ही विद्यार्थी पीएम से मिलने गया था। बोर्ड परीक्षा में बच्चे ने टॉप भी किया था।
-सुरेंद्र, प्रिंसिपल, मॉडल संस्कृति सीनियर सेकेंडरी स्कूल, शहजादपुर