अंबाला सिटी। आईसीएमआर पीजीआई की ओर से चलाए जाए प्रोजेक्ट में अब स्वास्थ्य सेवाओं में सुधार को लेकर रणनीति बनाई जाएगी। इसके लिए अगले माह में राज्य स्तरीय अधिकारियों के बीच बैठक होगी। जिसमें अंबाला स्वास्थ्य विभाग के अधिकारी भी शामिल होंगे। इस बैठक में स्वास्थ्य केंद्रों में जो भी कमियां हैं , उन्हें दूर करने पर विचार किया जाएगा। जिससे स्वास्थ्य सेवाओं को बेहतर किया जा सके। तीन वर्ष तक इस प्रोजेक्ट में व्यवस्थाओं का आंकलन लिया जाएगा। इसके लिए पीजीआई की ओर से विशेष टीमें भी लगाई गई हैं।
बराड़ा व शहजादपुर के खस्ता हाल
आईसीएमआर के सर्वे में स्वास्थ्य केंद्रों पर चिकित्सकों, उपकरणों व संसाधनों का जायजा लिया जाता है। सर्वे में बराड़ा व शहजादपुर क्षेत्र में बने स्वास्थ्य केंद्रों में सबसे अधिक प्रभाव है। बराड़ा के कई स्वास्थ्य केंद्रों में न तो चिकित्सक हैं और न ही वहां पर दवाएं मिलती है। इस कारण मरीजों को दूर तक जाना पड़ता है। इसी प्रकार शहजादपुर के भी ग्रामीण क्षेत्रों में बने स्वास्थ्य केंद्रों में भी यही है। मजबूरन लोगों को पीएचसी व नारायणगढ़ अस्पताल में जाना पड़ता है।
20 सुविधाओं की हो रही जांच
इस सर्वे के तहत 20 तरह की सुविधाओं को जांचा जा रहा है। इसमें दवाई की उपलब्धता, कर्मचारियों की संख्या, मरीजों के साथ बर्ताव, मरीजों की जांच, केंद्र का रखरखाव सहित करीब 20 तरह की सुविधाएं शामिल हैं। यह सर्वे तीन वर्ष तक चलता रहेगा, जब तक सुधार नहीं किया जाता।
पीजीआई टीम की रिपोर्ट के बाद बैठक होगी। जिसमें स्वास्थ्य केंद्रों में सुधार पर विचार किया जाएगा। जिन भी केंद्रों में सीएचओ नहीं हैं उनमें केंद्रों में दूसरे केंद्रों से नियुक्ति होगी।
- डॉ सुखप्रीत सिंह, नोडल अधिकारी, आयुष्मान योजना अंबाला।