अंबाला। अपराध पर लगाम लगाने के लिए पुलिस विभाग ने कमर कस ली है। पहले चरण में इसकी शुरुआत अंबाला कैंट से की जा रही है। कैंट के तीनों थानों की सीमाओं के साथ-साथ उनके संवेदनशील एरिया पर अब तीसरी आंख की नजर होगी।
जल्द ही महेश नगर, अंबाला कैंट और पड़ाव थाना और उनके अधीन आने वाली तोपखाना, हाउसिंग बोर्ड, लालकुर्ती और करधान चौकी की चयनित जगहों पर पुलिस सीसीटीवी लगाएगी। इन कैमरों की मदद से उसे काबू किया जा सके। इसके अलावा घूमने वाले संदिग्ध लोगों पर भी नजर रखी जा सकेगी। इतना ही नहीं प्रत्येक थानों की सीमाओं पर भी कैमरे लगेंगे, जिससे कि पता लग सके कि आखिर बदमाश वारदात को अंजाम देकर कहां से फरार हुआ और किस-किस रूट से वह बाहर निकला।
इसके अलावा संवेदनशील एरिया में होने वाली मारपीट और चोरी की वारदातों पर भी नजर रखी जाएगी। बता दें कि संबंधित थानों में वारदातों का सिलसिला थमने का नाम नहीं ले रहा है। ऐसे में पुलिस विभाग ने इस रोकने के लिए पूरी प्लानिंग बनाई है। संवाद
जगह चयनित कर थाने तैयार कर रहे रिपोर्ट
इस संबंध में सभी थानों में जगह चयनित करने की प्रक्रिया शुरू हो गई है। थानों की सीमाओं के साथ-साथ उन मुख्य गली-चौराहों को चयनित किया जा रहा है जहां पर स्नैचिंग, मारपीट, चोरी की वारदातें अधिक होती है या फिर हो चुकी है। जबकि नियमित तौर पर उन इलाकों में से मामले सामने आते रहते हैं। सीसीटीवी लगने के साथ-साथ पुलिस की गश्त होगी तो स्थानीय लोगों में डर बना रहेगा और वारदातों पर भी लगाम लग सकेगी।
पुलिस अभी दूसरों के कैमरों पर निर्भर
अभी स्थिति यह है कि पुलिस को दूसरों के सीसीटीवी पर निर्भर रहना पड़ता है। बदमाश वारदात कर बेखौफ होकर मौके से फरार हो जाते हैं और बाद में पुलिस के पास उस घटनास्थल के आसपास लगे कैमरों को खंगाले के अलावा कोई चारा नहीं बचता। ऐसे में कई मामलों में फुटेज साफ न आने के कारण आरोपियों की पहचान तक नहीं हो पाती है। हालांकि जिलाभर के मुख्य चौराहों पर पुलिस ने कैमरे लगाए थे। कुछ चल रहे हैं तो कुछ खराब हो चुके हैं।
गृहमंत्री अनिल विज के निर्देश पर अंबाला कैंट क्षेत्र के इलाकों की मैपिंग करवाई जा रही है। संबंधित थानों से रिपोर्ट मांगी गई है कि कहां-कहां कैमरे लग सकते हैं ताकि अपराध पर पूरी तरह से लगाम लगाई जा सके। मैपिंग के बाद सीसीटीवी लगाए जाएंगे। सिबास कविराज, आईजी अंबाला रेंज