अंबाला कैंट। लगातार बढ़ते तापमान से बेहाल लोगों को शुक्रवार शाम चली तेज हवाओं से हलकी राहत मिलीं। दिन में अधिकतम पारा 42 डिग्री तक पहुंच गया था। झुलसा देने वाली गर्मी से स्कूल जाने वालों बच्चों को खासी परेशानी हो रही है। मौसम के बिगड़े मिजाज का असर लोगों की सेहत पर पड़ने लगा है। औसतन पंद्रह से बीस लोग निजी क्लीनिक और अस्पताल पहुंच रहे हैं।
डा. दिनेश कुमार अग्रवाल तथा डा. कमलेश कौशिक का कहना है कि इन दिनों डीहाइड्रेशन और गर्मी के कारण बीमार होने वाले मरीज रोजाना आ रहे हैं। मौसम विभाग की मानें तो आने वाले दिनों में आसमान में बादल छाएंगे और हल्की बूंदाबांदी भी हो सकती है।
सेहत पर संकट
हीट स्ट्रोक का खतरा बढ़ा
गर्मी में हीट स्ट्रोक ब्रेन पर भी असर डाल सकता है। इस में एकाएक थकान, बीमार होना, चक्कर आना आदि हैं। यह अत्यधिक तापमान में लंबे समय तक रहने के कारण होता है। यदि मरीज को तेज सिरदर्द, सुस्ती, गर्मी के बावजूद पसीना न आना, त्वचा का लाल अथवा सूख जाना, मांसपेशियों में थकान, हार्ट बीट का अनियमित हो जाता है।
मलेरिया व अन्य बुखार का खतरा
इन दिनों मच्छरों की भरमार है और मलेरिया का खतरा बना हुआ है। अभी से मलेरिया के मरीज सामने आने लगे हैं, जबकि निजी चिकित्सकों के पास ऐसे मरीज आने शुरू हो चुके हैं।
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रोजाना दस से बीस मरीज
डा. दिनेश कुमार अग्रवाल, डा. कमलेश कौशिक का कहना है कि रोजाना दस से बीस मरीज आ रहे हैं। यह सभी गर्मी के कारण बीमार हैं। किसी को डीहाइड्रेशन है, तो किसी को बुखार अथवा चक्कर आने की शिकायत है। जितना अधिक तापमान होगा यह संख्या और बढे़गी।
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यह करें गर्मी से बचने के लिए
* दिन में ग्लूकोज़ की पूरी मात्रा लें या फिर शक्कर को पानी में घोलकर पीएं
* ठंडे पेय पदार्थों का सेवन करें।
* मौसमी फलों अथवा जूस का भरपूर सेवन करें
* सीधी धूप से बचने के लिए कपड़ा, छाता या फिर कैप आदि का इस्तेमाल करें