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उपभोक्ताओं की शिकायतों पर गंभीर नहीं अधिकारी, एसडीओ व एक्सईएन को लगाई कड़ी फटकार

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मैं आपके लिए नौकरी कर रहा हूं क्या? आपको 26 जून की फोरम में आई शिकायत में रिप्लाई देने के लिए कॉल की थी, फिर व्हाट्सएप किया, इसके बाद ई मेल भी की। आपने अभी तक जवाब नहीं दिया। अगर आपने काम नहीं करना तो मुझे बताएं। आपके खिलाफ एक्शन लेते हैं। बिजली उपभोक्ता शिकायत निवारण फोरम में शुक्रवार को चेयरमैन व सदस्यों ने एसडीओ ईस्ट को कड़ी फटकार लगाई।
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साथ ही काम में कोताही बरतने के लिए जवाब तलब भी किया। दरअसल शुक्रवार को धूलकोट बिजली निगम रेस्ट हाउस में बिजली उपभोक्ता शिकायत फोरम का आयोजन हुआ। इसमें चेयरमेन आरके शर्मा, सदस्य फाइनेंस एवं अकाउंट्स से नीलम रानी और सदस्य टेक्निकल से गीतू राम तंवर ने उपभोक्ताओं की समस्या सुनी। इस दौरान फोरम में केवल दो नई शिकायतें आई, जबकि 27 पुरानी शिकायतों पर सुनवाई की गई। उन लोगों की बात सुनी गई जो मौके पर आए हुए थे। जबकि अन्य फरियादियों को अगली बार बुलाने के लिए कहा गया है।
एसडीओ की कार्यशैली पर बिफरे चेयरमैन
उपभोक्ता सुशील का 2016 में ज्यादा बिल आने पर उसने ठीक करवाने के लिए कई बार बिजली निगम के चक्कर काटे। जब कोई समाधान नहीं हुआ तो उसने परेशान होकर कोर्ट में केस डाल दिया। कुछ समय बाद निगम से सेटलमेंट होने पर सुशील केस वापस लेने पर राजी हो गया। वह शपथपत्र देकर बकाया बिल की अदायगी करने को राजी हो गया। डेढ़ साल बाद दोबारा बिल बढ़कर आ गया। फिर उसने फोरम से गुहार लगाई। फोरम के चेयरमैन ने जब एसडीओ से शपथपत्र के बारे में पूछा तो उसने साफ इंकार कर दिया। जिसपर चेयरमैन बिफर उठे और दफ्तरों में होने वाली लापरवाही पर फटकार लगाई। उन्होंने कहा कि दफ्तर की कार्यप्रणाली के बारे में सब जानता हूं।
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एक्ईएन को भी लगाई फटकार
एक शिकायत में चेयरमैन ने एसडीओ वेस्ट द्वारा संतुष्टि भरा जवाब न देने पर एक्सईएन सिटी को तलब किया। जिसके बाद चेयरमैन ने एक्सईएन को आने वाली शिकायतों को लेकर निर्धारित समय का पाठ पढ़ाया। चेयरमैन ने कहा कि एक्सईएन साहब फोरम में आने वाली शिकायतों पर फैसले के लिए हमारे पास केवल 45 दिन हैं। जिसमें से आपने 30 दिन गवां दिए। अब 15 दिन में कब एस्टिमेट बनेगा और कब काम होगा। इसके लिए हमें भी ऊपर जवाब देना पड़ता है।
रणजीत नगर से आए गुरमिंद्र सिंह ने बताया कि उनका चार किलोवाट का कनेक्शन है, लेकिन उन्हें 1.43 लाख का बिल थमा दिया गया। जिसे ठीक करवाने के लिए व कई बार अधिकारियों के चक्कर लगा चुके हैं। लेकिन उनकी सुनवाई नहीं हो रही है। इसी लिए आज यहां पर आए हैं।
रणजीत ने बताया कि वह मुलाना से आए हैं। बिजली के कनेक्शन के लिए 30 हजार रुपये जमा भी करवा चुके हैं। उसके बाद अधिकारियों के कहने पर बोर भी करवाया। जिस पर वह 7 से 8 लाख रुपये लगा चुके हैं। उन्होंने 30 हजार वाट का कनेक्शन मांगा था। उसके स्थान पर उन्हें 7.5 हजार वाट का कनेक्शन दे दिया है। जिसे ठीक करवाने के लिए चक्कर काट कर रहे हैं।
हरविंद्र कौर ने बताया कि बिजली निगम ने उन्हें एक लाख रुपये का बिजली बिल 2017 और 2018 में भेजा था। जिसे उन्होंने स्कीम के तहत भरवा भी दिया था, लेकिन फिर भी बिजली निगम उनका मीटर उतार कर ले गए और अब नौ हजार रुपये का बिल उन्हें भेज दिया है।
मदनलाल ने बताया कि वह उनका बिल बिजली निगम अधिक भेज रहा है। जिसको लेकर वह कई बार अधिकारियों के चक्कर लगा चुके हैं। लेकिन इसके बाद भी उनकी समस्या का समाधान नहीं हो रहा है। इसलिए बिजली फोरम में शिकायत देने के लिए आए हैं। अब मुझे उम्मीद है कि उसकी समस्या का समाधान हो जाएगा।
बलविंद्र सिंह ने बताया कि वह कैंट प्रभु प्रेमपूरम से आए हैं। उन्होंने अपने क्षेत्र में तारे बदलवाने की शिकायत देनी है। जिसको लेकर वह जेई से लेकर एसडीओ तक को मिल चुके हैं। लेकिन उनकी शिकायत का समाधान नहीं हो रहा है। कोई भी अधिकारी उसकी शिकायत पर गौर नहीं कर रहा है।
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