संदिग्ध हालत में अंबाला पहुंची एक महिला को एचआईवी बताकर उसके ससुरालियों ने रखने से इंकार कर दिया है। युवती पटियाला की रहने वाली है और उसका एनआरआई पति कुरुक्षेत्र का रहने वाला है। दोनों ही पक्षों को सिटी थाने में पुलिस ने बुलवाया और दोनों का समझौता करवाने का प्रयास किया, लेकिन ससुरालियों और पति ने फिलहाल विवाहिता को रखने से इंकार दिया है। विवाहिता की ओर से थाने में उसका कोई परिजन नहीं पहुंचा।
थाने में हुई बैठक में युवक ने बताया कि उसका विवाह युवती के साथ हुआ था और वह उसे लेकर इटली भी गया था। लेकिन जांच के बाद विवाहिता एचआईवी पॉजीटिव पाई गई। इस दौरान ससुरालियों ने आरोप लगाया कि उन्हे धोखे में रखा गया है, विवाहिता पहले से एचआईवी पॉजीटिव थी, जिसकी जानकारी उन्हें नहीं दी गई। इसलिए वे विवाहिता के इलाज का पूरा खर्च करने को तैयार हैं, लेकिन जब तक विवाहिता स्वस्थ नहीं हो जाती, तब तक वे उसे अपने साथ नहीं रख सकते। जबकि एहतिहातन एचआईवी की पुष्टि होने के बाद ही महिला का गर्भपात करवाया गया था।
पति ने बताया उन्होंने इटली से लौटकर सारी बात अपनी सास को बताई थी और जब हिमाचल दवा लेने भी गए थे। लेकिन वापसी में उसने अपनी पत्नी व उसकी मां ने खुद अंबाला सिटी मंजी साहिब गुरुद्वारे के पास उतरने को कहा था और उनकी समहति से ही उसे सिटी उतारा गया था, न कि उसे छोड़ा गया था। उनका कहना था कि उसके रिश्तेदार अंबाला रहते हैं। पति के अनुसार उन्होंने अपनी एचआईवी की जांच करवाई थी, लेकिन उनमें कोई एचआईवी नहीं मिला। लिहाजा ये लक्षण विवाहिता में ही थे। पति ने कहा कि जब उसकी पत्नी स्वस्थ हो जाती है तो वे उसे रखने को तैयार है और तब तक पूरा खर्च करने को तैयार है। फिलहाल इस मामले में पुलिस ने किसी के खिलाफ कोई केस दर्ज नहीं किया है।