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सौंडावासियों की दो टूक, नहीं बनने देंगे गोशाला

Fri, 10 Mar 2017 12:34 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला अंबाला
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म्यूनिसिपल कारपोरेशन अंबाला (एमसीए) द्वारा गांव सौंडा की पांच एकड़ जमीन पर गोशाला खोलने की योजना विवादों में घिर गई है, क्योंकि ग्रामीणों ने इसी बाबत एमसीए के खिलाफ अदालत में याचिका दायर की है और अदालत ने फिलहाल एमसीए को अगले आदेशों तक गोशाला की कार्रवाई पर ब्रेक लगाने के आदेश दिए हैं।
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उल्लेखनीय है गांव सौंडा पहले ग्राम पंचायत था, लेकिन कुछ वर्ष पूर्व से इलाका नगर निगम के दायरे में आ गया, पंचायती जमीन एमसीए की जमीन बन गई गई। जिसके चलते एमसीए ने यहां गांव में पांच एकड़ जमीन पर गोशाला बनाने का फैसला लिया है, लेकिन ग्रामीणों का कहना है कि पंचायत के रहते इस जमीन पर स्कूल या कालेज बनाए जाने का प्रस्ताव हो चुका है, इसलिए यहां वही बनेगा।

इसी बात को लेकर ये विवाद छिड़ा हुआ है। उल्लेखनीय है कि पिछले दिनों गांव सौंडा में पांच एकड़ खाली पड़ी पंचायती जमीन पर उस समय तकरार ज्यादा बढ़ गई थी, जब एमसीए प्रशासन की ओर से एक दस्ता जेसीबी मशीन लेकर गांव सौंडा में पहुंचा और अपनी मनमर्जी करते हुए खुदाई शुरू कर दी थी। जहां इस दस्ते को देखते हुए गांववासियों ने ऐतराज जताया और प्रशासनिक अधिकारियों से बातचीत की, जिस पर अधिकारियों ने बताया था कि इस जमीन पर नगरनिगम की ओर से गौशाला बनाने का प्रावधान रखा गया है।
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लेकिन वहीं ग्रामीणों के विरोध के बाद नगरनिगम के दस्ते को बैरंग लौटना पड़ा था। इसी विवादित मामले को लेकर गांववासियों ने कोर्ट का दरवाजा खटखटाया था। इस पूरे मामले में सौंडा निवासियों ने अंबाला प्रशासन, शिक्षा विभाग व हरियाणा सरकार को पार्टी बनाया है।

वहीं वीरवार को सौंडा निवासी मीहा सिंह, सुखदेव सिंह, नरेश गुप्ता, छत्तर सिंह, जंगबहादुर सिंह, बलबीर सिंह व मोहन सिंह ने बताया कि गांव सौंडा की यह पांच एकड़ जमीन जुमला मालकान की है और सन 2004 में मिडल स्कूल को अपग्रेड करने के लिए पंचायत की ओर से प्रस्ताव पारित किया गया था कि इस जमीन पर गांव के बच्चों के लिए स्कूल बनाया जाएगा। एमसीए यहां गौशाला बनाने की जबरदस्ती नहीं कर सकता।

गांववासियों ने साफ कहा कि  यह जमीन स्कूल के लिए पारित की हुई है और यदि प्रशासन इस जमीन पर स्कूल बनाना चाहे तो गांववासी इसमें हर संभव सहयोग करने के लिए तैयार हैं, लेकिन गोशाला किसी भी सूरत में नहीं बनने देंगे। गांववासियों का यह भी कहना है कि सौंडा गांव की उस जमीन से मात्र एक किलोमीटर की दूरी पर गांव मौखा माजरा में पहले से गोशाला बनी हुई है तो यहां गोशाला की इतनी जरूरत क्यों पड़ रही है। उधर, एमसीए कमिश्नर सत्येंद्र दूहन का कहना है कि अभी मामला कोर्ट में हैं, एमसीए कोर्ट में अपना पक्ष रखेगा।
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