महंत ब्रह्मानंद सरस्वती: स्वयं
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नारायणगढ़। प्रयागराज के संगम क्षेत्र स्थित प्रतिष्ठित योग वेदांत कुटीर के चतुर्थ पीढ़ी के महंत के रूप में नारायणगढ़ के सत्यव्रत त्रिपाठी को चुना गया है। महंत सत्यव्रत त्रिपाठी ने नारायणगढ़ स्थित काली माता मंदिर में 7 वर्षों तक माता काली का पूजन और साधना की थी। वर्तमान में काली माता मंदिर के पुजारी रामचन्द्र त्रिपाठी ने बताया कि महंत सत्यव्रत त्रिपाठी ने योग वेदांत कुटीर के महंत स्वामी ओमानंद सरस्वती से सन्यासी दीक्षा ग्रहण की थी। स्वामी ओमानंद सरस्वती के 4 अप्रैल को ब्रह्मलीन होने के बाद सत्यव्रत त्रिपाठी को महंत बनाया गया और उन्हें नया नाम ब्रह्मानंद सरस्वती का नया नाम दिया गया और महंत की उपाधि दी गई। पुजारी रामचन्द्र त्रिपाठी ने बताया कि जो श्रद्धालु प्रयागराज जाते हैं वह योग वेदांत कुटीर में ठहरते हैं। संवाद