कार्यक्रम में संगत दृष्टांत सुनते हुए। संस्था
गांव सैदपुर स्थित संत शिरोमणि गुरु रविदास आश्रम में सतगुरु मामचंद महाराज की 101वीं जयंती पर विशाल संत सम्मेलन का आयोजन
अंबाला। गांव सैदपुर स्थित संत शिरोमणि गुरु रविदास आश्रम में सतगुरु मामचंद महाराज की 101वीं जयंती पर विशाल संत सम्मेलन और अटूट भंडारे का आयोजन किया गया। समारोह में ऑल इंडिया आदि धर्म मिशन के अध्यक्ष संत सुरेंद्र दास महाराज ने मुख्य अतिथि के रूप में शिरकत की। उन्होंने कहा कि सत्संग, सेवा और सिमरन ही जीवन में शांति व मोक्ष का आधार हैं। अक्षर ज्ञान से लौकिक और आध्यात्मिक ज्ञान से अलौकिक जीवन सफल होता है।
स्वामी ज्ञान नाथ महाराज ने शिक्षा का महत्व बताया। उन्होंने कहा कि शिक्षा से ही सभी समस्याओं का सटीक समाधान संभव है। उन्होंने मन के दायरे को लांघकर शब्द साधना और आत्मज्ञान को जीवन का असली लक्ष्य बताया। कार्यक्रम का आयोजन आश्रम के गद्दीनशीन संत जसविन्द्र दास जी महाराज की रहनुमाई और संत अशोकानंद सरस्वती की अध्यक्षता में हुआ, जबकि मंच संचालन राजेंद्र कुमार ने किया। वहीं संत अशोकानंद सरस्वती ने बाहरी कर्मकांडों को छोड़कर सकारात्मक दृष्टिकोण अपनाने का संदेश दिया। अंत में महंत जसविन्द्र दास महाराज व आश्रम पदाधिकारियों ने आए हुए सभी संतों को शाल व स्मृति चिन्ह भेंटकर सम्मानित किया। इस मौके पर महामंडलेश्वर एडवोकेट स्वामी ज्ञान नाथ महाराज, संत निर्मल दास, संत पृथ्वी राज मस्ताना, संत धर्मदास और इं. ऋषि पाल सहित अनेक गणमान्य संत व समाज सेवी मौजूद रहे।