अंबाला सिटी। केंद्रीय ट्रेड यूनियन व कर्मचारी संगठनों की राष्ट्रव्यापी हड़ताल के चलते ट्रेड यूनियन से जुड़े कर्मचारियों ने बुधवार को मांगों के समर्थन में प्रदर्शन किया। हड़ताल के कारण दोपहर तक लोग बैंकों के बाहर घूमते रहे और सफाई व्यवस्था भी प्रभावित रही है।
बैंकों पर हड़ताल का बोर्ड लगा हुआ था और दरवाजे बंद थे। इसके साथ ही सफाई कर्मचारी भी काम पर नहीं गए इस कारण पूरे शहर में सफाई व्यवस्था भी प्रभावित रही।
बुधवार सुबह 10 बजे से कर्मचारी इकट्ठा होना शुरू हो गए थे। डीसी कार्यालय पहुंच कर कर्मचारियों ने मुख्यमंत्री और प्रधानमंत्री के नाम अपनी मांगों से जुड़े मांग पत्र सौंपे। उपायुक्त के स्थान पर सीटीएम ने कर्मचारियों का ज्ञापन लिया। कर्मचारियों की मांगों में चार लेबर कोड को रद किया जाए।
आशा वर्कर, मिड डे मील वर्कर्स, आंगनबाड़ी वर्कर्स, ग्रामीण व शहरी सफाई कर्मचारियों, ग्रामीण चौकीदारों, वन मजदूरों समेत सभी कच्चे कर्मचारियों की सेवाएं नियमित करने की मांग शामिल है।
इसके अलावा न्यूनतम वेतन 26 हजार रुपये करने, खाली पदों पर नियमित कर्मचारियों को भर्ती करने की मांग उठाई। वहीं निर्माण मजदूरों का पंजीकरण व सुविधाएं जारी करने, मनरेगा में 200 दिन काम व 800 रुपये दिहाड़ी देने, और पुरानी पेंशन बहाली की मांग की गई है। आंगनबाड़ी वर्कर्स यूनियन को जिला प्रधान अनुपमा ने नेतृत्व किया। उन्होंने की अब किसी को भी राशन देना होता है तो उसकी फेस वेरिफिकेशन करवानी अनिवार्य कर दी है।
इससे वर्कर्स और लोगों को भी परेशानी होती है। वहीं प्रधानमंत्री द्वारा घोषित मानदेय में 750 और 1500 रुपये की बढ़ोतरी भी अभी तक नहीं हुई है।
इस कारण केंद्र की ओर से सिर्फ तीन हजार रुपये ही मिलते है। इसके अलावा प्रदर्शन का नेतृत्व अलग अलग संगठनों की महिला नेताओं सर्वजीत कौर (आशा वर्कर ), ललिता खन्ना (मिड डे मील वर्कर्स ), सुरिंद्र कौर (ग्रामीण सफाई कर्मी ) व ललिता रानी (ग्रामीण चौकीदार) ने संयुक्त रूप से रोष प्रदर्शन किया।