अंबाला। बैग में पिस्तौल डालकर प्लेटफार्म एक पर दाखिल हो रहे कुली को आरपीएफ के सतर्क कर्मचारियों ने पकड़़ लिया। पिस्तौल मिलने की सूचना से यात्री सहम गए और इधर-उधर छिपने की कोशिश करने लगे। कुछ क्षण में ही माहौल शांत हो गया जब नजदीक ही छिप कर खड़े आरपीएफ के अधिकारी तुरंत मौके पर पहुंच गए। उन्होंने यात्रियों को सांत्वना देते हुए बताया कि यह सिर्फ एक मॉकड्रिल थी और कुछ नहीं।
यह मॉकड्रिल आरपीएफ कर्मचारियों की कार्यशैली परखने के लिए की गई थी जोकि पूरी तरह से सफल रही। आरपीएफ के उप निरीक्षक कुलबीर सिंह ने बताया कि शुक्रवार शाम को अनारक्षित टिकट केंद्र के पास उस समय मॉकड्रिल की गई जब यहां यात्रियों की काफी भीड़ थी। इस दौरान एक बैग में खिलौनानुमा पिस्तौल छिपाई गई। बैग एक कुली को दिया गया ताकि वह अनारक्षित टिकट केंद्र के नजदीक प्लेटफार्म एक की तरफ जाने वाले रास्ते पर लगे लगेज स्कैनर से बैग निकाल सके। कुली ने जैसे ही लगेज स्कैनर में बैग रखा तो बैग के अंदर रखी पिस्तौल और अन्य सामान को स्क्रीन पर बैठी आरपीएफ कर्मचारी अनिता ने देख लिया। उसने शोर मचाते हुए कुली को तुरंत पकड़ लिया और इसकी सूचना अधिकारियों को दी।