नारायणगढ़। अपराधों की मुख्य जड़ नशा है। नशे के कारण ही संगीन अपराध होते हैं। डीएसपी अनिल कुमार ने कहा कि पुलिस अधिकारियों/कर्मचारियों को भी उच्चाधिकारियों ने स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि वे नशे के खिलाफ सख्त कार्रवाई करें। पुलिस के साथ-साथ अन्य सभी संबंधित विभाग अपनी नैतिक जिम्मेदारी का पालन करते हुए युवाओं को नशे के जाल से दूर रखने के लिए कार्य करें।
उन्होंने कहा कि प्रत्येक व्यक्ति नशा मुक्त भारत अभियान को सफल बनाने में भागीदारी सुनिश्चित करें और देश के युवाओं को सही राह दिखाएं। प्रत्येक नागरिक का यह कर्तव्य है कि अभियान को सफल बनाने में पुलिस प्रशासन का सहयोग करें और पूरी क्षमता से हर संभव प्रयास करें। उन्होंने बताया कि नशा मुक्त भारत अभियान तीन बिंदुओं पर आधारित है। इनमें नशा करने वालों की पहचान करना, लोगों को जागरूक करना और नशे पर नियंत्रण करना शामिल हैं, ताकि नशे के बढ़ते चलन पर रोक लगाई जा सके। उन्होंने कहा कि लोग जीवन की समस्याओं से घबरा कर जाते हैं अथवा अपने साथियों को देखकर नशा करते हैं।
उन्होंने कहा कि युवाओं को जागरूक करने के लिए समय-समय पर कॉलेज और स्कूलों में पुलिस अधिकारी जाकर नशे के दुष्परिणामों के बारे में जानकारी दें रहे हैं। वहीं उनसे यह भी अनुरोध किया जा रहा है कि वे उन लोगों की जानकारी पुलिस को दें जो नशीले पदार्थों का धंधा कर कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि विगत दिवस भी शहजादपुर पुलिस ने नशीले पदार्थों की तस्करी करने वाले एक व्यक्ति को पकड़ कर उसके पास से नशीली गोलियां व कैप्सूल बरामद करने में सफलता प्राप्त की है। डीएसपी अनिल कुमार ने कहा कि युवा हमारे देश का भविष्य हैं। वे नशे की लत का शिकार होते जा रहे हैं। यह समाज व देश के लिए खतरा है।