- रोडवेज अधिकारियों को नहीं देना चाहते थे ज्ञापन, बाद में परिवहन मंत्री के ज्ञापन लेने पर माने
- मांगों पर चर्चा के लिए 15 दिन का दिया समय
माई सिटी रिपोर्टर
अंबाला। रोडवेज के सांझा मोर्चा के बैनर तले शनिवार को रोडवेज कर्मचारियों ने छावनी में परिवहन मंत्री अनिल विज के आवास का घेराव किया। इस दौरान कर्मचारी ज्ञापन परिवहन मंत्री को देने की बात पर अड़ गए। जब अधिकारी उनसे ज्ञापन लेने लगे तो वह भड़क गए।
इसके बाद पुलिस की दो स्तर की बैरिकेडिंग को रोडवेज कर्मचारियों ने तोड़ दिया। कर्मचारियों के आक्रोश के बाद परिवहन मंत्री अनिल विज रोडवेज कर्मचारियों के बीच पहुंचे और ज्ञापन लिया। कर्मचारी इसलिए मंत्री से मिलने की जिद कर रहे थे ताकि उन्हें पक्का आश्वासन मिल जाए।
सांझा मोर्चा के वरिष्ठ सदस्य जयबीर घनघस ने बताया कि परिवहन मंत्री ने हमारी मांगों को लेकर बैठक के लिए 15 दिन का समय दिया है। अगर इन दिनों में काेई बात नहीं बनी तो 5 सितंबर को प्रदेशव्यापी सांकेतिक चक्का जाम किया जाएगा।
11 बजे ही एकत्रित हो गए थे प्रदेशभर के कर्मचारी
सांझा मोर्चा के तहत रोडवेज कर्मचारी अंबाला कैंट में सुबह 11 बजे रैन बसेरे के सामने एकत्रित होना शुरू हो गए थे। इस दौरान सांझा मोर्चा के प्रदेशस्तरीय नेता पहुंचे। सभी डिपो से आए कर्मचारियों को नेताओं ने संबोधित किया। दोपहर एक बजे तक नेता सरकार के खिलाफ बोलते नजर आए। दोपहर एक बजे के बाद कर्मचारी एकत्रित होकर एनएच-44 से पैदल होते हुए शास्त्री कॉलोनी स्थित परिवहन मंत्री अनिल विज के आवास के बाहर पहुंचे। रोडवेज नेताओं का दावा है कि इस प्रदर्शन में प्रदेशभर से 1500 रोडवेज कर्मचारी शामिल हुए।
पुलिस ने दो स्तर की लगाई थी बैरिकेडिंग
रोडवेज कर्मचारियों को रोकने के लिए पुलिस ने दो स्तर की बैरिकेडिंग लगाई थी। इसमें एक बैरिकेडिंग शास्त्री कॉलोनी के गेट के बाहर, दूसरी इससे कुछ दूरी पर लगाई थी। महिला पुलिस के साथ-साथ काफी संख्या में पुलिस बल मौजूद था। यहां पर जब कर्मचारी पहुंचे तो उन्होंने नारेबाजी शुरू कर दी। कर्मचारियों ने परिवहन मंत्री से मिलने की पुलिस अधिकारियों से गुजारिश की। पुलिस व रोडवेज के महाप्रबंधक ने जब मना किया तो कर्मचारियों ने परिवहन मंत्री को बाहर बुलाने की बात कही। ऐसे में अधिकारी कहने लगे कि हमें ज्ञापन दे दो हम ऊपर तक पहुंचा देंगे। यह बात सुनकर रोडवेज कर्मचारी भड़क गए। कर्मचारियों ने आधे घंटे का समय देकर चेतावनी दी कि हम बैरिकेडिंग तोड़कर अंदर जा सकते हैं या राजमार्ग पर जाम भी लगा सकते हैं।
15 दिन का दिया आश्वासन
आधा घंटा बीतने के बाद जब परिवहन मंत्री नहीं आए तो कर्मचारी नेताओं ने मुर्दाबाद के नारे लगाना शुरू कर दिया। इसके बाद कर्मचारियों का सब्र जवाब दे गया और उन्होंने पुलिस को धकेलते हुए बैरिकेडिंग को हटा दिया। कर्मचारियों के आक्रोश के बाद दोपहर 2:28 बजे परिवहन मंत्री अनिल विज आए और कर्मचारियों के बीच पहुंचकर ज्ञापन लिया। उन्होंने 15 दिन का आश्वासन दिया। यहां कर्मचारियों ने कहा कि अधिकारी हमें गुमराह करते हैं।
रोडवेज कर्मचारियों की मांगें
कर्मचारियों की मुख्य मांगों में परिचालक एवं चालक का पे ग्रेड बढ़ाया जाए, हरियाणा कौशल विभाग के तहत लगे चालक परिचालक एवं अन्य सभी प्रकार के कर्मचारियों को नियुक्ति तिथि से पक्का किया जाए, कर्मचारियों के कम किए गए देय अर्जित अवकाश पूर्व की भांति दिए जाएं, धुलाई भत्ता पूर्व की भांति दिया जाए आदि शामिल हैं। इस दौरान सांझा मोर्चे के वरिष्ठ सदस्य निशान सिंह, वीरेंद्र सिंगरौहा, दिनेश, जगदीप लाठर, चिमन स्वामी आदि उपस्थित रहे।
मैं रोडवेज कर्मचारियों की बात सुन रहा हूं। मुझे पता नहीं कि कर्मचारियों की कितनी यूनियन हैं, मगर पहले सभी यूनियनों को बुलाया और सभी की बात सुनी है। वह कर्मचारियों की मांगों को लेकर आगामी 15 दिन के भीतर बैठक बुलाएंगे। उनकी मांगों पर विचार-विमर्श किया जा जाएगा।
- अनिल विज, परिवहन, श्रम एवं ऊर्जा मंत्री
अंबाला छावनी बस अड्डा से परिवहन मंत्री के आवास का घेराव करने जाते रोडवेज कर्मचारी। संवाद- फोटो : Samvad
अंबाला छावनी बस अड्डा से परिवहन मंत्री के आवास का घेराव करने जाते रोडवेज कर्मचारी। संवाद- फोटो : Samvad
अंबाला छावनी बस अड्डा से परिवहन मंत्री के आवास का घेराव करने जाते रोडवेज कर्मचारी। संवाद- फोटो : Samvad
अंबाला छावनी बस अड्डा से परिवहन मंत्री के आवास का घेराव करने जाते रोडवेज कर्मचारी। संवाद- फोटो : Samvad
अंबाला छावनी बस अड्डा से परिवहन मंत्री के आवास का घेराव करने जाते रोडवेज कर्मचारी। संवाद- फोटो : Samvad
अंबाला छावनी बस अड्डा से परिवहन मंत्री के आवास का घेराव करने जाते रोडवेज कर्मचारी। संवाद- फोटो : Samvad
अंबाला छावनी बस अड्डा से परिवहन मंत्री के आवास का घेराव करने जाते रोडवेज कर्मचारी। संवाद- फोटो : Samvad