अंबाला। छावनी के लाल कुर्ती बाजार स्थित सनातन धर्म शिव मंदिर की धर्मशाला में वीरवार का सरदार नरेंद्र सिंह उर्फ काका का शहादत दिवस मनाया गया। रोडवेज कर्मचारी यूनियन ने प्रेरणा दिवस के रूप में इस कार्यक्रम को मनाया। दरअसल साल 2013 में प्राइवेट परमिट देने और निजीकरण के खिलाफ राष्ट्रव्यापी हड़ताल में सरदार नरेंद्र सिंह ने अपने प्राणों की आहुति दी थी। तभी से रोडवेज यूनियन इस दिन शहादत दिवस मनाती हैं।
निजीकरण नीति का विरोध करें कर्मचारी
कार्यक्रम में राज्य प्रधान सरदार निशान सिंह ने बताया कि रोडवेज कर्मचारी निजीकरण नीति का विरोध करें। सरकार कर्मचारियों की समस्याओं पर समझौता तो कर लेती है मगर मांगों को धरातल पर लागू नहीं करती है। कर्मचारियों की समस्याओं का जल्द समाधान हो इसके लिए संगठन परिवहन मंत्री और महानिदेशक को वार्ता के लिए समय देने को लेकर पत्र लिख चुका है। मगर वह मिलने का समय नहीं दे रहे हैं। इस कारण कर्मचारियों की समस्याएं कम न होकर दिन प्रतिदिन बढ़ रही हैं। कर्मचारियों को आर्थिक नुकसान के साथ मानसिक परेशानियों का भी सामना करना पड़ रहा है।
भत्ते का भुगतान नियमों को ताक पर रख कर कर रहे
राज्य महासचिव जयबीर घणघस ने बताया कि अधिकारियों द्वारा चालक, परिचालकों से अपने मनमाने तरीके से रात्रि ठहराव व रात्रि ठहराव भत्ते का भुगतान नियमों को ताक पर रख कर किया जा रहा है। चालक, परिचालकों, उपनिरीक्षक, निरीक्षक और कर्मशाला कर्मचारियों को मिलने वाले देय अवकाशों को कम कर दिया है। ऐसे में कर्मचारियों को लाखों रुपये का नुकसान हो रहा है। इसके बाद रोडवेज पदाधिकारियों की ओर से नरेंद्र सिंह की पत्नी जसवंत कौर को शॉल व स्मृति चिन्ह भेंट कर सम्मानित किया गया।